हाथी, कुत्ता, इंसान सब लेते हैं सू सू करने में 21 सेकेंड

  • 22 सितंबर 2015
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सभी स्तनधारी पेशाब करने में बराबर समय लगाते हैं. यह शोध इस साल हार्वर्ड विश्वविद्यालय में आईजी नोबेल यानी 'इग नोबेल' पुरस्कारों जीतने वालों में शामिल हैं.

'असंभव अनुसंधानों' के लिए दिए जाने वाले इन फ़र्ज़ी नोबेल पुरस्कारों का ये 25वां साल है.

साइंस ह्यूमर मैगज़ीन 'इंप्रोबेबल रिसर्च' की ओर से दिए जाने वाले 'इग नोबेल' पुरस्कारों का मक़सद उन उपल्बधियों का सम्मान करना है जो कि पहले आपको हंसाए और उसके बाद आपको सोचने पर मजबूर करें.

पेशाब पर शोध करने वाली जॉर्जिया टेक की टीम को भौतिकी का 'इग नोबेल' मिला है.

हाई स्पीड वीडियो विश्लेषण के ज़रिए ये नतीजा निकाला गया कि तीन किलो से अधिक वजन वाले सभी स्तनधारी जीव पेशाब करने में 21 सेकेंड से कुछ अधिक समय लेते हैं.

शोधकर्ताओं ने चूहों, बकरियों, गायों और हाथियों समेत कई जीवों पर ये शोध किया.

मैकेनिकल इंजीनियरिंग में शोध छात्रा पेट्रिशिया यांग ने इस शोध का नेतृत्व किया.

उनके सभी चारों साथी इग नोबेल पुरस्कार लेने के लिए मौजूद थे.

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इस साल के पुरस्कारों के विजेता छह महाद्वीपों से हॉर्वर्ड पहुँचे हैं. विजेताओं की सूची में उबले हुए अंडे को वापस मूल रूप में लाने की रसायनिक विधि भी शामिल है.

साथ ही इस खोज को भी विजेताओं की सूची में शामिल किया गया है कि 'हू' शब्द दुनिया की हर भाषा में मिलता है.

एक अन्य विजेता, कोर्नेल विश्वविद्यालय के माइकल स्मिथ ने मधुमक्खी के अलग-अलग स्थानों पर डंक मारने के दर्द को नापा है. इस शोध के लिए उन्होंने मधुमक्खी से अपने शरीर के अलग-अलग स्थानों पर डंक मरवाया. इसमें खोपड़ी, पैर की बीच की उंगली, बाजू से लेकर लिंग, ऊपर का होंठ और नथुने तक शामिल थे.

इग नोबेल पुरस्कारों के संस्थापक मार्क अब्राहम्स ने समारोह का समापन करते हुए कहा, "अगर आपने इस साल का इग नोबेल नहीं जीता है, और अगर जीत लिया है तो विशेष रूप से, अगले साल के लिए शुभकामनाएं."

अजीबो गरीब शोध

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पुरस्कार जीतने वाले एक ब्रितानी समूह ने शोध किया कि क्या सड़क पर गति अवरोधकों पर ड्राइव करते वक़्त होने वाले दर्द से पथरी के रोग की पहचान में मदद मिल सकती है.

ये विचार कुछ डाक्टरों के बीच शुरू हुए एक चुटकुले से आया. आइल्सबरी में स्टोक मेंडेविले अस्पताल में काम करने वाली जूनियर डॉक्टर हेलेन एशडाउन इस विचार को परखने में जुट गईं.

नतीजा सकारात्मक रहा. 101 मरीज़ों पर यह शोध किया गया. इनमें से पथरी से पीड़ित 34 में से 33 मरीज़ों ने माना कि स्पीड ब्रेकर से गुज़रने के दौरान उन्हें दर्द महसूस होता है.

डॉक्टर एशडाउन कहती हैं, "जिन्हें स्पीड ब्रेकर पर दर्द नहीं होता है उनमें पथरी होने की संभावना बेहद कम है."

हालांकि वे मानती हैं कि ऐसे दर्द की वजह कुछ और भी हो सकती है.

एशडाउन के शोध पत्र को डॉयगनॉस्टिक मेडिसिन में इग नोबेल पुरस्कार दिया गया है.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ चिली के डॉक्टर रोड्रिगो वास्क्वेज़ को जीव विज्ञान का इग नोबेल दिया गया है.

मुर्गे चले डायनासोर की चाल

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उन्होंने शोध से पता लगाया है कि यदि मुर्गे के बच्चों को कृत्रिम भारी पूँछ लगाकर बढ़ा किया जाए तो वो डायनासोर की तरह चलना सीख जाते हैं.

डॉक्टर वास्क्वेज कहते हैं, "हम टी रैक्स पर ये शोध नहीं कर सकते लेकिन चूज़ों पर तो कर ही सकते हैं."

वे कहते हैं कि ये पुरस्कार मज़ाकिया ज़रूर हैं लेकिन इनसे ख़ूब पहचान भी मिलती है.

जीतने वालों की सूची

रसायन- यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की कैलम ओरमोंडे और सहयोगी जिन्होंने उबले हुए अंडे को फिर से मूल रूप में लाने की रसायनिक विधि इजाद की.

भौतिकी- पेट्रिशिया यांग और उनके सहयोगी जिन्होंने पता लगाया कि लगभग सभी स्तनधारियों 21 सेकंड में पेशाब कर लेते हैं.

साहित्य- मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइकोलिंग्विस्टिक्स के मार्क डिंगमेन्से और सहयोगी जिन्होंने पता लगाया कि 'हू' शब्द दुनिया की सभी भाषाओं में पाया जाता है.

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Image caption पुरस्कार समारोह के दौरान क़ाग़ज़ के जहाज़ उड़ाने की परंपरा निभाई गई.

प्रबंधन- सिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के गेनारो बर्नाइल और सहयोगियों को ये पता लगाने के लिए कि विश्व के कई बड़े नेताओं में बचपन से ही ख़तरा मोल लेने की प्रवृत्ति होती है.

अर्थशास्त्र- बैंकॉक मेट्रोपोलिटन पुलिस को जिसने रिश्वत न लेने पर सिपाहियों को अधिक सैलरी का प्रस्ताव दिया है.

मेडिसिन- किमाटा हाजिमे क्लिनिक के हाजिमे किमाटा और स्लोवाकिया की कोमेनस यूनिवर्सिटी की यारोस्लावा दूरदियाकोवा को 'तेज़ किस' करने के बायोमेडिकल फ़ायदे खोजने के लिए.

गणितः यूनिवर्सिटी ऑफ़ विएना, ऑस्ट्रिया की एलिज़ाबेथ ओबेरजोशर और कार्ल ग्रामर को ये पता लगाने के लिए पुरस्कार मिला कि मोरक्को के शाह मोले इस्लाइल 1697 से 1727 के बीच 888 बच्चों के बाप बनने में कैसे कामयाब रहे.

जीव विज्ञान- यूनिवर्सिटी ऑफ़ चिली के ब्रूनो ग्रॉसी और सहयोगियों को ये पता लगाने के लिए कि चूज़े के पीछे भारी कृत्रिम पूँछ बांधने से उसकी चाल डायनासोर जैसी हो जाती है.

डायग्नोस्टिक मेडिसिन- स्टोक मेंडेविले अस्पताल, ब्रिटेन की दियालाय करीम और सहयोगियों को ये पता लगाने के लिए कि स्पीड ब्रेकर पर होने वाले दर्द से पथरी होने का सही पता लग सकता है.

फ़ीजियोलॉजी एंड एंटोमोलोजी- साउथवेस्ट बॉयोलॉजिकल इंस्टीट्यूट, अमरीका के जस्टिन श्मिट को कीड़ों के काटने से होने वाले दर्द का पता लगाने और कोर्नेल यूनिवर्सिटी के माइकल एल स्मिथ को मुधमक्खियों के काटने से दर्द का पता लगाने के लिए.

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