'मुसलमान राष्ट्रपति को बाइबल पर शपथ लेनी होगी'

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अमरीका में किसी मुसलमान के राष्ट्रपति बनने के मुद्दे पर बहस लगातार जारी है.

एक तरफ़ जहां रिपब्लिकन नेता बेन कार्सन से राष्ट्रपति पद की रेस से हटने की मांग की जा रही है, वहीं भारतीय मूल के बॉबी जिंदल ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है.

कार्सन अपने इस बयान के कारण विवादों में घिरे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि किसी मुसलमान को अमरीका का राष्ट्रपति नहीं होना चाहिए.

अमरीका में कई मुसलमान समूहों के अलावा कई लोगों का कहना है कि कार्सन की राय उन्हें राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य बनाती है.

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Image caption अपने बयान से विवादों में घिरे कार्सन

कार्सन ईसाई हैं और उन्होंने रविवार को विवादित बयान देते हुए कहा कि इस्लाम धर्म संविधान के अनुरूप नहीं है.

जिंदल की राय

रिपब्लिकन पार्टी की तरफ़ से ही राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी हासिल करने उतरे बॉबी जिंदल का कहना है कि मुसलमान राष्ट्रपति को बाइबल पर हाथ रख कर संविधान की सर्वोच्चता बनाए रखने की क़सम खानी चाहिए.

उन्होंने कहा, "जो मुसलमान रिपब्लिकन धार्मिक स्वतंत्रता के लिए लड़ा हो, अमरीका की धार्मिक विरासत का सम्मान करता हो, इस्लामिक स्टेट और कट्टरपंथी इस्लाम को ख़त्म करने के लिए प्रतिबद्ध हो और महिलाओं को दोयम दर्जे का नागरिक मानने वाली संस्कृतियों की निंदा करता हो, मेरा वोट उसे मिलेगा."

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Image caption बॉबी जिंदल भारतीय मूल के माता पिता की संतान हैं

लेकिन साथ ही उन्होंने कहा, "उन्हें बाइबल पर हाथ रख कर संविधान की सर्वोच्चता बनाए रखने की क़सम खानी होगी."

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