प्रवासियों को बांटने पर राज़ी यूरोपीय संघ

  • 22 सितंबर 2015
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यूरोपीय संघ के गृह मंत्री यूरोप में प्रवेश करने वाले एक लाख बीस हज़ार प्रवासियों को यूरोप के अन्य देशों में कोटा के आधार पर बांटने की योजना पर राज़ी हो गए हैं.

इस कोटा समझौते के तहत अगले दो सालों में प्रवासियों को इटली, ग्रीस और हंगरी से अन्य यूरोपीय देशों में बसाया जाएगा.

क्रोएशिया ने प्रवासियों को हंगरी भेजना शुरू किया

रोमानिया, चेक गणराज्य, स्लोवाकिया और हंगरी ने प्रवासियों को कोटा के आधार पर बांटने के प्रस्ताव के विरोध में वोट दिया.

लेकिन 28 सदस्यों वाले यूरोपीय संघ के अन्य देशों के बहुमत ने इसके पक्ष में मतदान किया.

फिनलैंड एकमात्र देश था जिसने इस समझौते पर हुए मतदान में हिस्सा नहीं लिया और प्रस्तावों का विरोध कर रहे पोलैंड ने इसके समर्थन में वोट दिया.

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मतदान के बाद स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री ने कहा कि वो इस नई कोटा प्रणाली को स्वीकार नहीं करेंगे.

बुधवार को ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के नेता इस समझौते की पुष्टि करेंगे.

जर्मन चांसलर अंगेला मैर्कल ने कहा है कि उन्हे उम्मीद है कि यूरोप प्रवासी संकट का हल निकाल लेगा.

मैर्कल ने कहा, "सबसे पहले तो हमें उस समस्या से निबटना होगा जिसके चलते लोग यूरोप आ रहे हैं. ये एक-दो दिन में नहीं होगा. इस समय हम ये मानते हैं कि समूची प्रवासी प्रक्रिया उलझी हुई है. बावजूद इसके, मुझे विश्वास है कि हम इसका समाधान खोज लेंगे."

बीबीसी के यूरोपीय मामलों के संवाददाता क्रिस मॉरिस का कहना है कि योजना को सर्वसम्मति से पारित किए जाने के बजाय बहुमत से पारित किया गया. प्रवासी जैसे मुद्दे पर यह बेहद असामान्य है क्योंकि ये मामला राष्ट्र की संप्रभुता से जुड़ा है.

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संस्था यूएनएचसीआर का कहना है कि भारी तादाद में लोगों के यूरोप में आने के चलते प्रवासियों को कोटा के आधार पर बांटने की ये योजना भी पर्याप्त नहीं है.

संस्था की प्रवक्ता मेलीसा फ़्लेमिंग ने यूरोपीय संघ से ग्रीस में प्रवासियों के लिए आगमन केंद्र खोलने की अपील की है.

यूएनएचसीआर के अनुमानों के मुताबिक इस साल समुद्र के रास्ते से यूरोप में पाँच लाख प्रवासी पहुँचे हैं.

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लाखों की तादाद में शरणार्थियों के आने के कारण यूरोपीय संघ में गहरे मतभेद पैदा हो गए हैं.

हंगरी में प्रवासियों पर पुलिस कई बार आंसू गैस के गोले दाग़ चुकी है.

हंगरी ने प्रवासियों से कहा है कि वे सर्बिया की सीमा पर लगाई गईं कंटीली तारों को न छुए, ऐसा करने से गंभीर चोट पहुँच सकती है.

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