'हत्या' होने के 31 साल बाद, महिला जिंदा मिली

  • 29 सितंबर 2015
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जर्मनी में 1984 से लापता एक महिला जिसे मृत माना जा रहा था, जीवित पाई गई है.

जर्मनी की पुलिस के मुताबिक 31 साल पहले, 24 वर्ष की कंप्यूटर साइंस की छात्रा पेट्रा पाज़ित्का लापता हो गई थीं.

पुलिस को शक़ था कि उनकी हत्या हो गई है और जांच करने पर, पांच साल के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

इतना ही नहीं, उसी इलाक़े में लापता हुए एक युवक की हत्या के मामले में एक आदमी को दोषी पाया गया था. उसने कबूल किया कि उसने पेट्रा की भी हत्या की है.

राज़ से पर्दा कैसे उठा?

हाल में पूरे मामले से पर्दा तब उठा जब एक डकैती के मामले की छानबीन करते हुई पुलिस को एक 55 वर्षीय महिला मिली जिसके पास कोई पहचान पत्र नहीं था.

ड्यूसेलडॉर्फ में रह रही ये महिला पेट्रा पाज़ित्का थीं जिन्होंने ख़ुद पुलिस को बताया कि वो झूठी पहचान अपनाकर रह रही थीं.

उन्होंने ही पुलिस को बताया कि उनका असली नाम क्या है.

परिवार मिलना चाहता है

पुलिस के मुताबिक 24 साल की कंप्यूटर साइंस की छात्रा जर्मनी के शहर ब्राउनश्विग से गायब हुई थीं.

उस समय जर्मनी के एक क्राइम शो में पेट्रा की गुमशुदगी को उठाया गया था और एक अपील जारी की गई थी.

ब्राउनस्वाईग के पुलिस प्रवक्ता योआखिम ग्रांडे ने बताया कि पेट्रा गुमनाम ही रहना चाहती थीं.

ग्रांडे के मुताबिक उन्होंने अपनी गुमशुदगी के बारे में भी और कुछ कहने से इंकार कर दिया.

प्रेटा ने पुलिस को बताया कि उन्होंने लापता होने की तैयारी की थी और नई जिंदगी शुरु करने लिए बैंक से चार हजार ड्यूशमार्क (जर्मनी की पुरानी मुद्रा) निकाले थे.

उन्होंने अपने अपार्टमेंट की चाभी एक पड़ोसी छात्र को ये कहते हुए दी थी कि वे उनकी पालतू चिड़ियों की देखभाल करें.

अधिकारिक तौर से मृत घोषित इस महिला की वृद्ध मां और भाई उनके जिंदा होने की खबर पाकर पूरी तरह से शॉक में हैं.

जर्मन मीडिया के मुताबिक पेट्रा का परिवार उनसे मिलना चाहता है, लेकिन वह इसकी इच्छुक नहीं है.

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