कॉम्पिटिटिव इंडेक्स में भारत 16 पायदान चढ़ा

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वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम की तरफ से जारी ताज़ा ग्लोबल कॉम्पिटिटिव इंडेक्स (वैश्विक प्रतिस्पर्धा सूचकांक) में भारत 16 पायदान ऊपर चढ़ा है.

इस इंडेक्स में इस बात का आकलन किया जाता है कि कोई सरकार अपने नागरिकों को उच्च स्तर की समृद्धि मुहैया कराने में कितनी सक्षम है.

ग्लोबल कॉम्पिटिटिव रिपोर्ट 2015-16 में कहा गया है कि दुनिया भर की सरकारों को विश्व आर्थिक विकास दर में आ रही गिरावट से निपटने के लिए उच्च उत्पादकता की ज़रूरत है.

रिपोर्ट कहती है कि स्विट्ज़रलैंड, सिंगापुर और अमरीका नई खोजों और प्रतिभाओं को संवारने में लगातार जुटे रहे हैं और इसीलिए वो 140 देशों के ग्लोबल कॉम्पिटिटिव इंडेक्स में सबसे ऊपरी तीन पायदानों पर हैं.

'आगे मुश्किल भरे दिन'

तेज़ी से उभरते हुए बड़े बाज़ारों में गिने जाने वाले भारत ने इस बार इस इंडेक्स में 16 पायदान की छलांग लगा कर 55वां स्थान प्राप्त किया है.

वहीं दक्षिण अफ्रीका ने सात पायदान ऊपर चढ़ कर 49वें स्थान के साथ टॉप 50 में जगह पाई है जबकि चीन ने अपना 28 स्थान बरकरार रखा है. इस सूची में ब्राज़ील 75वें तो तुर्की 51वें स्थान पर हैं.

बात इस इंडेक्स में आने वाली टॉप 10 अर्थव्यवस्थाओं की करें तो उनमें स्विट्ज़रलैंड, सिंगापुर और अमरीका के अलावा जर्मनी, नीदरलैंड्स, जापान, हांगकांग, फिनलैंड, स्वीडन और ब्रिटेन के नाम शामिल हैं.

रिपोर्ट कहती है कि ख़ास तौर से उभरते हुए बाज़ारों वाले देश मंदी के बाद से प्रतिस्पर्धा को बेहतर बनाने में नाकाम रहे हैं, इसलिए आने वाले दिन वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए और मुश्किल भरे हो सकते हैं.

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