शरणार्थी संकट के बीच जर्मन एकीकरण का जश्न

जर्मनी एकीकरण का उत्सव इमेज कॉपीरइट AFP

जर्मनी के एकीकरण के 25 साल पूरे होने के मौके पर देश में उत्सव मनाया जा रहा है.

3 अक्तूबर, 1990 को बर्लिन की दीवार गिरने के बाद साम्यवादी पूर्वी जर्मनी और पूंजीवादी पश्चिम जर्मनी एक देश बन गए थे.

चालीस साल तक विभाजन का दर्द झेलने के बाद दो देश एक हो पाए.

इमेज कॉपीरइट EPA

जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल और राष्ट्रपति जोकिम गॉक ने फैंकफर्ट में समारोहों की अगुआई की. दोनों ही नेता जर्मनी के पूर्वी हिस्से के रहने वाले हैं.

मर्केल और गॉक ने शांतिपूर्ण तरीके से जर्मनी के एकीकरण के लिए सबका आभार जताया.

एंगेला मर्केल ने कहा, "आज 25 साल बाद हमारे सामने बड़ी चुनौतियाँ हैं. शरणार्थी संकट हमारे सामने हैं. जर्मनी अकेला इस संकट का हल नहीं निकाल सकता. सिर्फ़ यूरोप के साथ मिलकर ही और मिल बाँट कर ही हम इसका सामना कर सकते हैं. दूसरे विश्व युद्ध के बाद से कभी इतनी बड़ी संख्या में शरणार्थी नहीं आए. जर्मनी, यूरोप और बाकी दुनिया को मिलकर काम करना होगा."

शरणार्थियों से उपजा संकट

इमेज कॉपीरइट AP

जर्मनी के एकीकरण की यह वर्षगांठ ऐसे मौके पर मनाई जा रही है जब बड़ी संख्या में सीरियाई शरणार्थी शरण लेने के लिए यूरोप पंहुच चुके हैं.

वैसे जर्मनी ने अब तक कई चुनौतियों का सामना करते हुए बड़ी सफलताएं हासिल की हैं.

लेकिन शरणार्थियों के आने से इन दिनों देश पर एक गंभीर संकट है.

अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल के अंत तक करीब 10 लाख शरणार्थी जर्मनी पंहुच जाएंगे. पिछले महीने ही करीब दो लाख शरणार्थी जर्मनी पहुँचे हैं.

इमेज कॉपीरइट Reuters

हाल में ही हुए एक सर्वे में कहा गया है कि इस मुद्दे की वजह से मतदाताओं के बीच मर्केल की लोकप्रियता कम हो गई है.

राजनेता यह भी चाहते हैं कि जर्मनी के एकीकरण को उदाहरण की तरह पेश करना चाहिए और शरणार्थियों की मदद की जानी चाहिए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉयड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार