संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव की राजपाक्षे ने निंदा की

  • 5 अक्तूबर 2015
राजपाक्षे इमेज कॉपीरइट Getty

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिन्दा राजपाक्षे ने संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका के कथित युद्ध अपराधों पर पारित प्रस्ताव की आलोचना की है.

राजपाक्षे के कार्यकाल के दौरान कथित युद्ध अपराधों की जांच के बारे में ये प्रत्साव गुरुवार को पारित किया गया.

उन्होंने कहा है कि आज श्रीलंका चरमपंथियों से मुक्त है क्योंकि वे तमिल टाइगर्स के खिलाफ़ युद्ध में विदेशी दबावे के आगे झुके नहीं.

राजपाक्षे ने श्रीलंका के गृहयुद्ध के दौरान हुए कथित युद्ध अपराधों की विदेशी न्यायाधीशों से जांच कराने के प्रस्ताव को भी ख़ारिज किया.

श्रीलंका की वर्तमान सरकार संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद में पारित प्रस्ताव की सह-प्रायोजक थी.

श्रीलंका की सरकार ने प्रस्ताव में सुझाए गए कड़े अंशों को कम करने को अपनी जीत बताया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार