जीभ के अलावा कहां होती हैं स्वाद ग्रंथियां

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बीबीसी फ़्यूचर हर सप्ताह आपके लिए एक ख़ास स्मार्ट लिस्ट पेश करने जा रहा है. जिसमें हमारे आस पड़ोस की दुनिया से जुड़े कुछ बेहद चौंकाने वाली जानकारियां होंगी.

इतना ही नहीं ये जानकारियां हमारे रोजमर्रे के इस्तेमाल के लिए भी उपयोगी हैं. इस सप्ताह बीबीसी फ़्यूचर की स्मार्ट लिस्ट की जानकारियां इस तरह से हैं-

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1. दिमाग पर शराब का असर महज 6 सेकेंड में ही होने लगता है. यानी आप ने शराब का घूंट भरा नहीं कि उसका असर दिमाग पर शुरू हो जाता है. आप इसके बारे में विस्तार से यहां पढ़ सकते हैं.

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2. हवाई यात्रा के दौरान हमारे शरीर को कहीं ज़्यादा विकिरण का सामना करना होता है. यह कितना होता है, लंदन से न्यूयार्क की एक यात्रा के दौरान छाती के एक्सरे के मुक़ाबले दोगुने विकिरण का सामना करना पड़ता है. लेकिन इससे ज़्यादा चिंतित नहीं होने की जरूरत नहीं है क्योंकि हमारे आसपड़ोस में हम सालाना छाती के एक्सरे के मुक़ाबले 50 गुना ज़्यादा विकिरण का सामना करते हैं. इसके बारे में ज़्यादा जानने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं.

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3. अमूमन ये माना जाता है कि जीवों में मुंह और जीभ ही स्वाद पहचानने का काम करते हैं. लेकिन हकीकत यह है कि मानव शरीर के दूसरे अंगों में भी स्वाद-ग्रंथियां होती हैं. यह दिमाग, फ़ेफड़े से लेकर आंत और गुदा तक में मौजूद होते हैं. इसके बारे में यहां विस्तृत जानकारी उपलब्ध है.

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4. हमारे दिमाग को काम करने के लिए भी ऊर्जा चाहिए, जो सामान्य बल्ब की तुलना में बेहद कम होता है. हमारे दिमाग को 10 से 15 वॉट की ऊर्जा की जरूरत होती है. इसके बारे में ज़्यादा जानकारी यहां मिल सकती है.

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5. इस पर यकीन करना भले मुश्किल हो लेकिन पृथ्वी से चंद्रमा तक की दूरी में हमारे सौर मंडल के सभी ग्रह एक के बाद एक करके फ़िट हो सकते हैं. यकीन ना हो तो नासा की वेबसाइट पर देखिए.

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहां पढ़ें, जो बीबीसी फ़्यूचर पर उपलब्ध है.

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