ट्यूनीशिया के संगठनों को शांति का नोबेल

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नॉर्वे की नोबेल पुरस्कार समिति ने साल 2015 के शांति पुरस्कार के लिए ट्यूनीशिया की नेशनल डायलॉग क्वार्ट्रेट को चुना है.

पुरस्कार समिति के मुख्य सचिव कासी कुलमन फाइव के अनुसार साल 2011 में ट्यूनीशिया में हुए 'जैस्मिन रिवॉल्यूशन' के बाद वहां हुई राजनीतिक हत्याओं और बड़े पैमाने पर फैली अस्थिरता के बीच इस क्वार्ट्रेट का गठन 2013 में किया गया था.

यह पुरस्कार ट्यूनीशिया में लोकतंत्र की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया है.

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Image caption पुरस्कार समिति के मुख्य सचिव कासी कुलमन फाइव पुरस्कार की घोषणा करते हुए.

ओस्लों में नॉर्वे की नोबेल समिति ने कहा है कि क्वाट्रेक्ट ने लोगों को उस वक्त एक नया विकल्प दिया और शांति स्थापित हो सकने का भरोसा दिया, जब देश गृह युद्ध की कग़ार पर था.

समिति को उम्मीद है कि इनाम में दिए जाने वाले 10 लाख डॉलर से ट्यूनीशिया में लोकतंत्र को मज़बूत करने में मदद मिलेगी, और अन्य देशों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी.

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इस इनाम के लिए इस साल कुल 273 दावेदार थे. ख़बरों के अनुसार जर्मनी का चांसलर एंजेला मर्केल और पोप फ्रांसिस भी दावेदारों की सूची में शामिल थे.

ट्यूनीशिया की नेशनल डायलॉग क्वार्ट्रेट चार संस्थाओं के साथ ले कर बनाई गई था. इसमें हैं (1) ट्यूनीशिया जनरल लेबर यूनीयन (2) ट्यूनीशिया कन्फेडेरेशन ऑफ़ इंडस्ट्री, ट्रेड एंड हैंडीक्राफ्ट (3) ट्यूनीशिया ह्यूमन राइट लीग, और, (4) ट्यूनीशियन ऑर्डर ऑफ़ लॉयर्स.

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