मृतकों की सही संख्या क्यों नहीं बताता सऊदी?

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सऊदी अरब में हज के दौरान मीना में हुई भगदड़ में मरने वालों की संख्या को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है.

मीडिया और 34 देशों की ओर से आए ताज़ा आधिकारिक बयानों के अनुसार, मरने वालों की संख्या 1,344 तक पहुंच गई है.

यह सऊदी अरब के आधिकारिक आंकड़ों से काफ़ी ज़्यादा है. 26 सितंबर को देश के स्वास्थ्य मंत्री ने 769 लोगों के मारे जाने और 934 लोगों के घायल होने की घोषणा की थी.

लेकिन आज तक सऊदी सरकार की ओर से कोई नया आंकड़ा जारी नहीं किया गया है.

आंकड़ा

इस भगदड़ में ईरान के सर्वाधिक 465 लोगों की मौत हुई है जबकि 67 लापता हैं.

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किसी भी अन्य स्रोत ने ईरान के इस आंकड़े का खंडन नहीं किया है.

मिस्र का कहना है कि इस भगदड़ में उसके 165 नागरिक मारे गए हैं जबकि इंडोनेशिया के मृतकों की संख्या 120 है.

भारत के 101 हज यात्रियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है और 32 लापता हैं.

मरने वालों में पाकिस्तान के 89, माली के 60, नाइजीरिया के 54, बांग्लादेश के 43, मोरक्को के 27, इथियोपिया के 26, अल्जीरिया के 24, कैमरून के 21, चाड के 19, बेनिन के 17, निज़ेर के 15, लीबिया के 14, आइवरी कोस्ट के 14, घाना के 13, सोमालिया के सात, केन्या के छह, बर्मा के छह, तंजानिया के पांच, सेनेगल के पांच, चीन के चार, तुर्की के चार, इराक़ के तीन, ट्यूनीशिया के दो और हॉलैंड, बुर्किना फासो, बुरुंडी, जॉर्डन, मलेशिया और फिलीपींस का एक-एक नागरिक शामिल हैं.

छवि खराब होने का डर

इसके अलावा कई सारे देशों के आकड़ों के मुताबिक़, 300 से ज़्यादा लोग ऐसे हैं जिनका अभी कुछ पता नहीं.

ऐसा लगता है कि सऊदी अरब इस बात को मानने को लेकर हिचक रहा है.

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बहुत संभव है कि सऊदी अरब इस बात को लेकर डरा हुआ हो कि इसका इस्तेमाल उसके प्रतिद्वंदी और आलोचक उसकी छवि ख़राब करने में करें.

सऊदी अरब को इस बात का भी डर है कि उसके विरोधी उस पर इस्लाम के सबसे बड़ी और पाक यात्रा को सफलतापूर्वक संपन्न नहीं करवा पाने का आरोप ना लगा दें.

सऊदी का शाही परिवार हज यात्रा का आयोजन करवा कर बहुत फ़ख्र महूसूस करता है.

सऊदी अरब के पास दो सबसे पवित्र मस्जिदों, मक्का में मस्जिद अल-हरम और मदीना में मस्जिद अल-नबवी के होने का गौरव हासिल है.

इलज़ाम

ईरान ने सऊदी अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का इलज़ाम लगाते हुए भड़ास निकाली है.

ईरान में हाजी मिशन के प्रमुख अली ग़ाज़ी असकर ने सरकारी मीडिया प्रेस टीवी पर नौ अक्तूबर को कहा, "यह साफ़ होना चाहिए कि सऊदी पुलिस ने यात्रियों को 204 स्ट्रीट की ओर क्यों मोड़ा जबकि पिछले साल हमारे यात्रियों ने दूसरे रास्ते का इस्तेमाल किया था."

ईरान ने तथ्यों के जांच के लिए कमिटी बनाने की मांग की है.

27 सितंबर को दिए गए एक भाषण में ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई ने कहा कि हादसे की ज़िम्मेदारी सऊदी अरब के शासकों की बनती है लेकिन वो इसके लिए इस्लामी दुनिया और पीड़ितों से 'माफ़ी मांगने के बजाय' लोगों पर ही 'आरोप' मढ़ रहे हैं.

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