'पाक ने भारतीय हस्तक्षेप के सबूत पेश किए'

  • 22 अक्तूबर 2015
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पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने बलुचिस्तान, कराची और फ़ाटा में भारतीय हस्तक्षेप के सबूत अमरीका को सौंपे हैं.

हालांकि अमरीका के विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उन्हें ऐसे कोई सबूत मिले हैं या नहीं.

बुधवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी से मुलाक़ात की जिसके बाद जारी बयान में कहा गया है कि केरी को एशिया में शांति बहाली के बारे में बताया गया.

शरीफ़ ने इन बातों का ज़िक्र संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी किया था.

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गुरूवार को शरीफ़ और राष्ट्रपति बराक ओबामा की मुलाकात होगी.

दक्षिण-एशिया के जानकारों के मुताबिक़ दोनों के बीच अफ़गानिस्तान बातचीत का सबसे अहम मुद्दा रहेगा.

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वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता ब्रजेश उपाध्याय का कहना है कि बातचीत में ओबामा इस बात का ज़िक्र करेंगे कि अफ़गानिस्तान से अमरीकी फौजों की वापसी पर रोक लगाने का ऐलान उनके लिए एक कठिन फैसला था. लेकिन अफ़गानिस्तान में तेज़ी से बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उन्हें ये फैसला करना पड़ा.

इसके अलावा ओबामा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से तालिबान की सुरक्षित पनाहगाहों को ख़त्म करने की गुज़ारिश कर सकते हैं. शरीफ़ से तालिबान को बातचीत के लिए राज़ी करवाने के लिए दवाब डालने को भी कहा जा सकता है.

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हालांकि ओबामा प्रशासन के अफ़गान-पाकिस्तान नीति की नींव रखने वाले ब्रूस राइडल को इस मुलाक़ात से कोई बदलाव की उम्मीद नहीं दिखती. उनके मुताबिक़ अगर पाकिस्तानी फौज अफ़गान-तालिबान की मदद नहीं कर रही होती तो हालात कुछ और होते.

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