पाकिस्तान से लौट रही है भारत की 'गीता'

  • 26 अक्तूबर 2015
गीता

भारत से भटक कर पाकिस्तान जा पहुंची मूकबधिर भारतीय युवती गीता 26 अक्टूबर को भारत अपने देश लौट रही है.

गीता को सुबह आठ बजे (भारतीय समयानुसार 8:30 बजे) पाकिस्तान एअरलाइन के विमान से नई दिल्ली रवाना होगी.

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप का कहना है कि 26 तारीख को गीता को भारत लाया जाएगा और उसे उसके परिवार को सौप दिया जाएगा.

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हालांकि गीता की परिवार वापसी का सारा दारोमदार डीएनए परीक्षण पर टिका है क्योंकि बिहार समेत तीन और प्रदेशों से पकिस्तान में मिली गीता पर दावेदारी की जा रही है.

इसमें उत्तर प्रदेश और झारखंड के भी परिवार हैं जिन्होंने गीता को अपनी बेटी बताया है.

सबसे पुख्ता दावेदारी बिहार के सहरसा जिले के कबीरा धाप गाँव के जनार्दन महतो की है जिनकी तस्वीर गीता ने भी पकिस्तान में पहचान ली है.

लेकिन इस दावे में भी एक बड़ा पेंच है और वह ये कि जनार्दन महतो जिस गीता को अपनी बेटी कह रहे हैं, वह शादी शुदा है और उसके पति और बेटा पंजाब के लुधियाना में रह रहे हैं.

Image caption गीता को अपनी बेटी बताने वाले जनार्दन महतो के भाई राजदेव.

पर गीता की देख रेख कर रही पाकिस्तान की संस्था ईधी फांउडेशन के मुताबिक गीता की शादी नहीं हुई है.

भारत के विदेश मंत्रालय का कहना है कि गीता के पास जो तस्वीर मौजूद है उस परिवार से डीएनए मैच कराने के बाद ही उन्हें परिवार के हवाले किया जाएगा.

अगर डीएनए जांच में इस परिवार के गीता का परिवार नहीं होने की पुष्टि हुई तो उसे सुरक्षित आश्रय में रखा जाएगा.

पाकिस्तान के कराची में रहने वाली गीता की कहानी सलमान ख़ान की फ़िल्म 'बजरंगी भाईजान' की मुन्नी की कहानी से मिलती-जुलती है.

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फ़िल्म के सुपरहिट होने के बाद गीता एक बार फ़िर चर्चा में आईं थीं.

पिछले 10 साल से अधिक समय से पाकिस्तान में रह रही गीता न ही बोल सकती हैं और न ही सुन सकती हैं.

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भारतीय बताई जाने वाली गीता की कहानी कुछ साल पहले पाकिस्तानी मीडिया में सुर्खियों में रही थी लेकिन किसी ने उसपर ध्यान नहीं दिया.

गीता साल 2003-04 में पाकिस्तानी बॉर्डर गॉर्ड्स को लाहौर के पास मिली थी. वो इसे ईधी यतीमखाना लाए. तब इसकी उम्र क़रीब 11 साल रही होगी.

पाकिस्तान की बॉर्डर अथॉरिटी ने इस बच्ची को ईधी फ़ाउंडेशन को सौंपा था.

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