ठंड ने बढ़ाई भूकंप पीड़ितों की मुश्किलें

  • 28 अक्तूबर 2015
अफ़ग़ानिस्तान के भूकंप प्रभावित लोग. इमेज कॉपीरइट AP

पहले भूकंप और अब भीषण ठंड की वजह से अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के हज़ारों भूकंप प्रभावितों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं.

राहत और बचाव के कार्यों में लगे लोगों ने चेतावनी दी है कि खुले आसमान में रह रहे भूकंप पीड़ितों के लिए बढ़ती ठंड मुसीबत का सबब बन सकती है. ख़ासकर बच्चों के लिए ख़तरनाक हो सकता है.

बचाव कर्मियों का कहना है कि भूकंप पीड़ितों के लिए टेंटों और कंबलों की सख़्त ज़रूरत है.

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यूनीसेफ़ के दक्षिण एशिया प्रमुख कैरिन हलशॉफ ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए कहा, "कम होता तापमान बच्चों की जान के लिए इस वक़्त सबसे बड़ा ख़तरा है."

पाकिस्तनी मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक़ मंगलवार को हज़ारों लोगों ने कड़ाके की ठंड में पूरी रात खुले आसमान के नीचे बिताई. सोमवार को आए 7.5 तीव्रता वाले भूकंप के बाद से लोग अपने घरों में लौटने से डर रहे हैं.

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भूकंप से अब तक अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान में 360 लोगों की मौत हो चुकी है. अधिकारियों का कहना है कि यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है, ख़ासकर अफ़ग़ानिस्तान में.

बच्चों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था, यूनीसेफ़ ने एक बयान में कहा है कि पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश और बर्फ़बारी के कारण प्रभावित इलाक़ों में जाने में मुश्किल हो रही है. इससे राहत और बचाव कार्यों पर असर पड़ा है. ऐसे में हवाई मदद सबसे कारगर साबित हो सकता है. लेकिन इसे भी शुरू होने में कुछ वक़्त लगेगा.

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सोमवार को आए भूकंप का केंद्र अफ़ग़ानिस्तान का बदख़्शान प्रांत था, जहां भूकंप से कई प्रमुख सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं. वहीं पाकिस्तान का चित्राल शहर भूकंप के केंद्र के सबसे नज़दीक स्थित है.

भूकंप से पाकिस्तान का स्वात घाटी और ख़ैबर पख़्तूनख़्वान प्रांत सबसे अधिक प्रभावित हुआ. भूकंप के झटके राजधानी इस्लामाबाद और पेशावर में भी महसूस किए गए. भूकंप के बाद से पाकिस्तान के कई इलाक़ों में बिजली की आपूर्ति ठप है.

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अधिकारियों के मुताबिक़ भूकंप से पाकिस्तान में क़रीब 16 सौ लोग घायल हुए हैं. वहीं इससे क़रीब चार हज़ार घरों को नुक़सान पहुंचा है.

वहीं अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी के कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक़ भूकंप से साढ़े सात हज़ार से अधिक घर तबाह हो गए हैं. राष्ट्रपति ने सेना को राहत और बचाव कार्य चलाने के आदेश दिए हैं.

अफ़ग़ान तालिबान ने भूकंप पीड़ितों के लिए शरण देने, खाद्य और चिकित्सा सामग्री को न रोकने को कहा है. तलिबान ने अपने लड़ाकों को पीड़ितों की मदद करने को कहा है.

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