लैबराडोर होते हैं मोटापे के शिकार

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ब्रिटेन की सबसे लोकप्रिय कुत्ते लैबराडोर बढ़ती उम्र में आदमियों की तरह ही मोटापे का शिकार हो सकते हैं.

लैबराडोर एक से चार साल तक की उम्र में हर साल औसतन 0.9 किलोग्राम की दर से मोटा होता है.

इससे अधेड़ उम्र में उसके मोटे होने का ख़तरा रहता है. कुत्ते 18 महीने में पूरी तरह से बढ़ जाते हैं और चार साल की उम्र में उन्हें अधेड़ माना जाता है.

एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के एक शोध में 4000 लैबराडोर कुत्तों की गतिविधि और उनके आकार का मूल्यांकन किया गया.

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शोध में पाया गया कि औसतन कुत्ते दो घंटे से ज्यादा समय तक शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं.

वैसे कुत्ते जो अपना ज्यादातर वक्त पीछा करने और दौड़ने में इस्तेमाल करते हैं उनका वज़न नहीं बढ़ता है.

चॉकलेटी रंग के लैबराडोर को पीले और काले रंग के लैबराडोर की तुलना में औसतन 1.4 किलोग्राम ज्यादा पाया गया.

शोध दल का मानना है कि गतिविधियों के अलावा आनुवांशिक कारणों से भी कुछ कुत्तों का शुरूआती जीवन में वज़न ज्यादा होता है.

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