'नापाम गर्ल' पर अब लेज़र का इस्तेमाल

नापाम गर्ल

वियतनाम युद्ध के दौरान नापाम बम के हमलों में बुरी तरह जल जाने वाली नापाम गर्ल के नाम से चर्चित हुई महिला का उपचार अब लेज़र तकनीक से होगा.

यह हमला 40 साल पहले हुआ था और उमय किम फूक 9 साल की बच्ची थीं और हमले के तुरंत बाद कैमरे की ओर बिना किसी कपड़े में दौड़ती उनकी तस्वीर वियतनाम युद्ध का चेहरा बन गई थी.

मियामी डर्मेटोलॉजी एंड लेज़ इंस्टीट्यूट में किम का इलाज करने वाली डॉक्टर जिल वायबेल ने बीबीसी कार्यक्रम फ़ाइव लाइव को बताया, “नापाम हमले में किम का बच जाना एक चमत्कार से कम नहीं है और पिछले 40 साल से असहनीय दर्द और मुश्किल हालात से गुज़र रही हैं.”

वो बताती हैं, “उनके ज़िंदा बचने की उम्मीद नहीं थी लेकिन वो एक साहसी और बहुत अनोखी इंसान हैं. वो बहुत ख़ास हैं.”

डॉ वायबेल कहती हैं कि उनकी टीम को भरोसा है कि अगर किम का इलाज़ जारी रहता है तो उनकी स्थिति में सुधार होगा.

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लेज़र तकनीक से इलाज के बारे में वो कहती हैं, “किसी भी तरह से क्षतिग्रस्त हुई त्वचा में 98 प्रतिशत तक सुधार हमने पाया है. इसके अलावा अन्य बहुत सी तकनीकें आ गई हैं.”

वायबेल के मुताबिक़, “हमने पिछले दस सालों में लेज़र तकनीक से हज़ारों मरीज़ों का इलाज किया है और इससे त्वचा के रंग में बदलाव आता है और दर्द में भी आराम मिलता है. किम को अभी भी गले और कंधों पर जलन होती है.”

वो बताती हैं, “लेज़र क्षतिग्रस्त ऊतकों (टिश्यू) को भाप बनाकर हटा देता है और इस घाव को शरीर अपने आप भर देता है. इसकी जगह नए ऊतक आ जाते हैं. हमारे आंकड़े बताते हैं कि इस इलाज के बाद दर्द और जलन कमी आती है.”

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