जब अमरीकी हबल टेलिस्कोप बनी गई मज़ाक..

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अंतरिक्ष को देखने का हमारा नज़रिया पूरी तरह से बदल देने वाला हबल टेलिस्कोप 25 साल का हो गया है.

लेकिन 1990 में इसे लॉन्च किए जाने के साथ ही 1.6 अरब डॉलर के खर्च से बनी इस स्पेस टेलिस्कोप में एक गंभीर समस्या पैदा हुई थी जिसने इसे शुरुआती दौर में मज़ाक का विषय बना दिया.

उस पर स्टैंड-अप कॉमेडी होने लगी. 1991 की हिट फिल्म नेकिड गन 2½ में इस टेलिस्कोप का एक फोटो हिंडनबर्ग और टाइटेनिक जैसे हादसों के साथ दिखाया गया.

अगर हबल कोई कार होती तो उसे डीलर के पास ले जाकर रिफंड मांगा जाता. लेकिन ये अमरीकी जनता के पैसों से बना था और अब अंतरिक्ष में था.

नासा के सामने दो ही विकल्प थे - इसका इस्तेमाल बंद करे और इसे त्याग दे, या फिर इसे सही करने के सभी जोखिम भरे कदम उठाए.

रिपेयर का काम पृथ्वी की कक्षा में, पृथ्वी से 600 किलोमीटर (या 370 मील) ऊपर 35 घंटे और 28 मिनट की स्पेस वॉक के दौरान हुआ. लेकिन कोई सामान्य मिशन नहीं था.

किसकी स्पेस वॉक से बचा हबल?

एस्ट्रोनॉट-डॉक्टर-वैज्ञानिक स्टोरी मसग्रेव ने हबल स्पेस टेलिस्कोप को विकसित करने का काम 1970 के मध्य में शुरू किया था.

इस टेलिस्कोप ने अप्रैल, 1990 में काम करना शुरू किया.

मसग्रेव ने गणित और मेडिसीन समेत कई विषयों में पढ़ाई कर रखी थी और उनके पास कुल सात ग्रेजुएट डिग्रियां हैं.

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वो एक-एक सिस्टम और उपकरण को समझते थे. लेकिन अनुमान नहीं था कि उन्हें हबल टेलिस्कोप की उन समस्याओं के साथ जूझना पड़ेगा जो सामान, टूल्स या उपकरणों की क्वालिटी के कारण पैदा होंगी.

इस टेलिस्कोप को लेकर तमाम बड़े दावे किए गए थे.

मसग्रेव कहते हैं, "हबल के काम करने में कोई मुश्किल नहीं आनी चाहिए थी, लेकिन अंतरिक्ष में जाते ही उसकी समस्याएं शुरू हो गईं."

कम्यूनिकेशन और इलेक्ट्रानिक्स कंपोनेंट के साथ-साथ सबसे बड़ी समस्या थी प्राइमरी मिरर. जांच से ये मालूम हुआ कि प्राइमरी के मिरर के किनारों को काफी ज्यादा पॉलिश कर दिया गया था, जिसके चलते वो फ्लैट हो गया था.

इससे ज़ाहिर था कि करीब 1.61 अरब डॉलर की लागत वाले टेलिस्कोप का फोकस ही ठीक नहीं था यानी वह सही इमेजिस नहीं भेज सकता था.

जून, 1990 में नासा को गलती की गंभीरता का अंदाजा हुआ.

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चैलेंजर हादसे के समय नासा की ख़ासी आलोचना हुई थी और उसके चार साल बाद, वह फिर राजनीतिक तूफ़ान में घिर रहा था.

कुछ लोग जिसे लापरवाही कह रहे थे, पत्रकार, पर्यवेक्षक और राजनेता उसके बारे में कहीं कड़े शब्दों में आलोचना कर रहे थे.

ऐसे में नासा ने इस टेलिस्कोप को ठीक करने का ज़िम्मा मसग्रेव पर ही छोड़ा. मसग्रेव कहते हैं, "मुझे हर संभव गलती का पता लगाने को कहा गया, स्पेस वॉक के साथ उन्हें ठीक भी किया जा सकता था."

मसग्रेव को एक्स्ट्रा वेहिकुलर एक्टिविटी (ईवीए) टीम को लीड करने को कहा गया.

टीम में शामिल लोगों को ह्यूस्टन के विशालकाय वाटरटैंक में स्पेस वॉक की ट्रेनिंग दी गई. उधर टेलिस्कोप में गड़बड़ियों की सूची बढ़ती जा रही थी. इसकी वजह से हबल की सर्विसिंग का पहला मिशन एसटीएस-61 काफी चुनौती पूर्ण हो गया.

दो दिसंबर, 1993 को मसग्रेव की टीम अंतरिक्ष में रवाना हुई. तीन दिन बाद उन्होंने हबल टेलिस्कोप को सही करने का काम शुरू किया.

मसग्रेव और उनके साथ जेफ़ हॉफ़मैन स्पेस शूट के साथ अंतरिक्ष इतिहास में यान के बाहर सबसे लंबे समय तक चलने वाले अभियान के लिए निकल पड़े.

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पृथ्वी तल से करीब 600 किलोमीटर की ऊंचाई पर दोनों ने पहले दिन कुल आठ घंटे तक टेलिस्कोप में समान को रिप्लेस किया. इसमें गायरोस्कोप, कंट्रोल यूनिटस और इलेक्ट्रिकल सर्किट शामिल थे.

जो समस्या हल नहीं हो रही थी वो थी इंस्ट्रूमेंट कंपार्टमेंट के दरवाजे को बंद न कर पाना.

इस अभियान के बारे में मसग्रेव बताते हैं, "उतना मुश्किल नहीं था. आसान था. हालांकि पृथ्वी से देखने पर यह काफी चुनौतीपूर्ण लगता था, लेकिन अंतरिक्ष में हमें कोई अचरज नहीं हुआ, न ही कोई अप्रत्याशित बात हुई."

मसग्रेव विनम्रता से कहते हैं कि हबल की मुश्किलों को सही करने का असली काम जमीन पर मौजूद वैज्ञानिकों की टीम ने किया था.

11 दिन तक चले इस मिशन में सैकड़ों इंजीनियर, तकनीशियन और कंट्रोल करने वालों ने अपना काम बखूबी किया. इस दौरान मसग्रेव की टीम ने कुल 35 घंटे और 28 मिनट तक स्पेसक्राफ्ट से बाहर जाकर काम किया.

मसग्रेव और हॉफ़मैन की जोड़ी ने तीन बार स्पेस वॉक किया जबकि उनके साथी कैथरिन थोर्नटन और टॉम एकेर्स ने भी इतनी ही बार स्पेस वॉक कर इस मिशन को पूरा किया.

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हबल की गड़बड़ियां नासा की सबसे बड़ी चूक थीं, वहीं एसटीएस-61 की कामयाबी एजेंसी का सर्वोत्तम काम. जब हबल टेलिस्कोप पूरी तरह से रिपेयर हो गया और ठीक से काम करने लगा तो राजनेताओं ने नासा के वैज्ञानिकों को सबसे पहले बधाई दी.

एसटीएस-61 की टीम की वजह से हबल अंतरिक्ष इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण मिशन साबित हुआ. वैसे मसग्रेव के लिए स्पेस टेलिस्कोप साइंस मिशन से भी ज़्यादा था.

वे कहते हैं, "हबल ने कॉस्मोलॉजी, थियोलॉजी, फ़िलास्पी और एस्ट्रॉनॉमी सबको एक साथ ला खड़ा किया.

हबल से मिली तस्वीरों ने ब्रह्माण्ड की शुरूआत के बारे में हमें बताया और साथ ही ये भी बताया कि हम कौन हैं और मानवता क्या है?

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहां पढ़ें, जो बीबीसी फ़्यूचर पर उपलब्ध है.

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