पहली बार मिलेंगे चीन और ताइवान के नेता

  • 4 नवंबर 2015
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चीन और ताइवान के राष्ट्रपतियों के बीच शनिवार को सिंगापुर में मुलाक़ात होगी. दोनों देशों के नेताओं के बीच ये पहली मुलाक़ात है.

ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि इस ऐतिहासिक मुलाक़ात का मक़सद ताइवान जलडमरूमध्य में शांति को बढ़ावा देना है, हालांकि इस दौरान किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे.

1949 में चीनी गृह युद्ध के बाद से ताइवान की अपनी सरकार है लेकिन चीन उसे अपना एक अलग हुआ हिस्सा मानता है जिसे एक दिन चीन के साथ मिलना है.

ताइवान के मौजूदा राष्ट्रपति मा ईंग-चेओ के शासन में चीन के साथ रिश्ते बेहतर हुए हैं, उनकी पार्टी केएमटी को चीन समर्थक माना जाता है.

राष्ट्रपति मा अधिकतम दो कार्यकालों की अवधि पूरी होने के बाद अगले साल पद छोड़ देंगे.

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Image caption राष्ट्रपति मा अगले साल पद छोड़ेंगे

अमरीका ने चीन और ताइवान के राष्ट्रपतियों के बीच होने वाली इस मुलाक़ात का स्वागत किया है.

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जोश एर्नेस्ट ने कहा, "जलडमरूमध्य के आर-पार स्थिर और शांतिपूर्ण रिश्ते ही अमरीका के हित में हैं. ताइवान जलडमरूमध्य के दोनों तरफ़ तनाव के कम करने के प्रयास में उठाए जा रहे क़दमों का हम स्वागत करते हैं."

साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उनकी नज़र इस बात पर भी होगी कि इस बातचीत से क्या निकल कर सामने आया है.

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