लश्कर, जमात-उद-दावा की कवरेज पर बैन

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पाकिस्तान की मीडिया नियामक एजेंसी ने रेडियो और टीवी स्टेशनों पर लश्करे तैबा, जमात-उद-दावा और फलाहे इंसानियत समेत 72 संगठनों की कवरेज करने पर बैन लगा दिया है.

जमात उद दावा का नाम अमरीका और संयुक्त राष्ट्र ने आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया है.

हाफ़िज़ सईद इसके प्रमुख हैं और भारत ने मुंबई हमलों के तार उनसे जड़े होने के आरोप लगाए हैं.

नियामक ऐजेंसी (पेमरा) ने इस सिलसिले में सोमवार को दो पन्नों की एक लिस्ट जारी की है. जिसमें 72 संगठनों के नाम हैं.

ये हुक्म भी जारी किया है कि मीडिया इन संस्थाओं की फंडिग के लिए किसी तरह के इश्तिहार जारी नहीं कर सकता है.

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नियामक संस्था का कहना है कि ऐसी कोई भी कवरेज न की जाए जिससे हिंसा या नफ़रत भड़के और अमन को नुक़सान पहुंचे.

कहा गया है कि ऐसे किसी प्रोग्राम को प्रसारित न किया जाए जो किसी दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहा हो.

जो संस्थाएं इस आदेश का उलंघन करेंगें उनका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है.

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साथ ही उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

अक्टूबर में आए भूकंप के फ़ौरन बाद पाकिस्तान के मंत्री परवेज़ रशीद ने कहा था कि प्रतिबंधित संस्थाओं के मदद की ज़रूरत नहीं है जो इसकी आड़ में नफ़रत फैलान का काम करती हैं.

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