चुनाव के जो नतीजे हों, मानेंगे: थीन सीन

  • 7 नवंबर 2015
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म्यांमार के राष्ट्रपति थीन सीन ने भरोसा दिलाया है कि देश में रविवार को होने वाले चुनाव के नतीजों को सरकार और सेना, दोनों स्वीकार करेंगी.

लंबे समय से सैन्य शासन में रहे म्यांमार ने हाल के सालों में राजनीतिक सुधार देखे हैं.

बावजूद इसके चुनाव नतीजों के स्वीकार किए जाने को लेकर संदेह है.

यही वजह है कि राष्ट्रपति थीन सीन ने भरोसा दिया है कि चुनाव नतीजों का सम्मान किया जाएगा.

शुक्रवार को टीवी पर राष्ट्र के नाम संदेश में राष्ट्रपति सीन ने कहा, "चुनाव नतीजों का सम्मान किया जाएगा या नहीं, इस बात को लेकर चिंताएं हैं. हम ये दोहराना चाहते हैं कि हमारी सरकार और सेना, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के नतीजों का सम्मान करेगी. हम सभी को समन्वय बनाना होगा और चुनाव नतीजों के आधार पर ही राजनीतिक परिदृश्य तैयार करना होगा."

1990 में हुए चुनाव में सू ची की पार्टी एनएलडी ने बहुमत हासिल किया था लेकिन सैन्य शासकों ने नतीजे स्वीकार नहीं किए थे. इसके बाद सू ची को दशकों तक नजरबंदी में रखा गया था.

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Image caption चुनावों में सू ची की पार्टी की जीत की भविष्यवाणी की जा रही है

सू ची ने इस बार भी चुनावों से पहले धोखाधड़ी का डर ज़ाहिर किया है.

शांति का नोबेल पुरस्कार जीत चुकी सू ची संविधान के तहत राष्ट्रपति बनने के योग्य नहीं हैं. म्यांमार के संविधान के तहत 25 फ़ीसदी सीटें सेना के लिए आरक्षित हैं.

ऐसे में, बहुमत हासिल करने के लिए सू ची की पार्टी को कम से कम 67 फ़ीसदी सीटें जीतनी होंगी.

सू ची का कहना है कि यदि उनकी पार्टी जीती तो सरकार वो ही चलाएंगी.

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