'स्वागत तो ठीक, पर हार की टीस भी दिखेगी'

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ब्रितानी अखबारों का मानना है कि बीजेपी की बिहार के चुनावों में हार का असर मोदी की 'हाईप्रोफाइल' ब्रिटेन यात्रा पर भी दिखाई देगा.

प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन यात्रा गुरुवार से शुरू होगी.

वर्ष 2012 में ब्रिटेन ने गुजरात दंगों के कारण मोदी के एक दशक लंबे बहिष्कार को खत्म किया था.

मोदी की ब्रिटेन यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब बिहार में उनकी पार्टी को ज़बर्दस्त हार का सामना करना पड़ा है और पूरे देश में बढ़ती धार्मिक असहनशीलता पर चिंता का माहौल है.

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'द फाइनेंशियल टाइम्स' भारत के प्रधानमंत्री को "करिश्माई अंतरराष्ट्रीय राजनेता" मानता है, लेकिन इस बात पर पर भी ज़ोर देता है कि उनकी ये यात्रा "पहली ऐसी यात्रा होगी जिस पर बढ़ती घरेलू परेशानियों का साया रहेगा."

इस अखबार ने अभिनेता शाहरुख़ ख़ान और रिज़र्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन की भारत में बढ़ती असहनशीलता के माहौल पर की गई टिप्पणियों का हवाला भी दिया है.

Image caption अखबारों में शाहरुख ख़ान और रिज़र्व बैंक गवर्नर के कथनों का भी ज़िक्र है

अख़बार के मुताबिक, "ऐसे लोगों को न्यूयॉर्क लंदन और मुंबई में भी ध्यान से सुना जाता है. ये प्रधानमंत्री मोदी की अब तक उत्साहपूर्ण रही विदेशी यात्राओं को भविष्य में थोड़ा असहज बना सकता है."

द इंडिपेंडेंट का कहना है कि ब्रिटेन की अपनी हाईप्रोफाइल यात्रा से पहले मोदी को "शर्मनाक हार" का सामना करना पड़ा है.

इंडिपेंडेंट के मुताबिक, "इन चुनावी नतीजों का मतलब है कि मोदी इस हफ्ते ब्रिटेन में उत्साहपूर्ण स्वागत की तैयारी तो कर रहे होंगे...लेकिन घरेलू ज़मीन पर हार का सामना करने की टीस भी उनके भीतर होगी. ये हार भी उस वक्त मिली है जब उनके प्रशासन पर असहनशीलता भड़काने के इल्ज़ाम भी बढ़ते जा रहे हैं."

द टेलिग्राफ लिखता है, मोदी ब्रिटेन में उस वक्त पहुंचेंगे जबकि "अपनी पार्टी की बिहार में हुई ज़बरदस्त हार के बाद उनकी स्थिति कमज़ोर हुई है."

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द गार्जियन ने मोदी को "विभाजनकारी और अपनी बात को मनवा लेने वाला व्यक्ति" माना है "जिसने दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया."

द इकनॉमिस्ट चुटकी लेते हुए लिखता है कि ये यात्रा मोदी को बिहार में "उनकी मर्मभेदी हार से 'थोड़ी' राहत दिलाएगी".

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शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी वेंम्बली स्टेडियम में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करेंगे.

लेकिन लंदन के कुछ मानवाधिकार संगठन उनकी इस यात्रा के दौरान विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं.

भारतीय मीडिया के मुताबिक, इन प्रदर्शनों की मुख्य आयोजक संस्था द आवाज़ नेटवर्क ने रविवार को ब्रितानी संसद और बिग बेन पर मोदी की एक इमेज प्रोजेक्ट की है.

इस छवि में प्रधानमंत्री मोदी को ओम चिन्ह के सामने एक तलवार लिए हुए दिखाया गया है जो स्वस्तिक में बदल जाता है. साथ ही लिखा है, "मोदी का स्वागत नहीं."

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Image caption मोदी की इस यात्रा के विरोध में प्रदर्शन की भी योजनाए हैं. (फ़ाइल फ़ोटो)

भारत के कई ट्विटर यूज़र इस छवि की तस्वीरों को पोस्ट कर रहे हैं.

हालाँकि कुछ को लगता है कि ये अपमानजनक है.

यूज़र " Amey ‏@amey30" लिखते हैं: "जो मोदी से नफरत करते हैं उन्हें ये सनद रहे कि वे देश के मनोनीत नेता हैं. भारतीय प्रधानमंत्री का अपमान भारतीय लोकतंत्र का अपमान है."

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