मेहरबानी नहीं बराबरी चाहते हैं: मोदी

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लंदन के वेम्बले स्टेडियम में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज विश्व भारत की शक्ति को पहचानता है और अब दुनिया में भारत का स्थान औरों के साथ बराबरी का होना चाहिए.

उनका कहना था, "हम दुनिया से अब मेहरबानी नहीं चाहते. अगर हम चाहते हैं तो बराबरी चाहते हैं. और मैं 18 महीनों के अनुभव से कह सकता हूँ कि आज भारत के साथ जो भी बात करता है वो बराबरी से बात करता है. जुड़ना चाहता है तो विन-विन फ़ॉर्मूला के साथ जुड़ना चाहता है. आगे बढ़ना चाहता है तो क़दम से क़दम मिलाकर आगे बढ़ना चाहता है. मैं इसे आने वाले भविष्य के शुभ संकेत के रूप में देखता हूँ."

इस मौके पर मोदी ने घोषणा की कि 15 दिसंबर से लंदन और अहमदाबाद के बीच सीधी उड़ान शुरू होगी.

वेम्बले स्टेडियम में मौजूद लगभग 50 हज़ार लोगों को मोदी ने एक घंटे से भी ज़्यादा देर तक संबोधित किया.

अपने लंबे भाषण में मोदी ने कहा, "2019 में महात्मा गांधी के जन्म के 150 साल पूरे हो रहे हैं. मेरे दो सपने हैं- पहला सफ़ाई और दूसरा चौबीस घंटे बिजली पहुंचाने का. इसके लिए हमने सौर ऊर्जा, वायु ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा से 150 गीगावॉट ऊर्जा पैदा करने का कार्य शुरू किया है."

मोदी ने कहा, "हम टैंक, पनडुब्बी, हल्के-भारी सभी तरह के हथियार ख़ुद बनाना चाहते हैं. आज विश्व की सबसे बड़ी हथियार कंपनियां भारत के साथ वार्ता कर रही हैं. मैं दुनिया से कहना चाहता हूँ कि भारत विश्व की एक छठी आबादी है. भारत की सुरक्षा विश्व की सुरक्षा की गारंटी है."

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एफ़डीआई के मामले में मोदी का कहना था, "मेरे लिए एफ़डीआई का मतलब फ़ॉरेन डाइरेक्ट इंवेस्टमेंट नहीं बल्कि फ़र्स्ट डेवेलप इंडिया है. बीते साल के मुक़ाबले भारत में विदेशी निवेश में चालीस फ़ीसदी की वृद्धि हुई है. ये इस बात का प्रतीक है कि विश्व का भारत के प्रति विश्वास बढ़ रहा है."

मोदी ने अपने भाषण में जन धन योजना का भी ज़िक्र करते हुए बताया कि इस अभियान के तहत 150 दिनों के अंदर 19 करोड़ बैंक खाते खोले गए. मोदी ने कहा, "अगर हम व्यवस्था बदलना चाहते हैं तो देश ने भी बदलाव का मन बना लिया है. बदलाव नज़र आ रहा है."

स्वच्छ भारत अभियान के मुद्दे पर बोलते हुए मोदी ने कहा, "ये अभियान बहुतों को बुरा लगा था लेकिन मुझे अच्छा लगा था. इस काम को मैंने शुरू किया है, पहला काम उठाया टॉयलेट बनाने का. और मैं विदेश में रहने वाले भाइयों-बहनों का आभार व्यक्त करता हूं कि कई विदेश में रहने वाले भाइयों-बहनों ने अपने गांवों में सार्वजनिक शौचालय बनवाए."

इससे पहले नरेंद्र मोदी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के साथ वेम्बले स्टेडियम पहुंचे. कैमरन ने 'नमस्ते' कहकर सभी का अभिवादन किया.

मोदी ने महान स्वाधीनता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा का ज़िक्र करते हुए कहा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने उनके सम्मान में उनकी बार एसोसिएशन में सदस्यता को जारी रखने वाला दस्तावेज़ उन्हें सौंपा है, जो उनके लिए गर्व की बात है.

इस मौक़े पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कैमरन ने कहा, "उन्होंने कहा था कि एक चायवाला कभी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की सत्ता नहीं पा सकता लेकिन मोदी ने उन्हें ग़लत साबित किया. उन्होंने सही कहा था कि 'अच्छे दिन आने वाले हैं'. डेविड कैमरन ने कहा कि मैं इससे आगे बढ़कर ये कहूंगा कि 'अच्छे दिन ज़रूर आएंगे."

भारत और ब्रिटेन में चरमपंथ का मुद्दा उठाते हुए कैमरन ने कहा कि हमारे और आपके सामने चरमपंथ का ख़तरा है. आपने मुंबई में चरमपंथ झेला हमने लंदन में. चरमपंथियों का मक़सद एक ही है. हमारे देशों को बांटना. लेकिन टीम इंडिया और टीम यूके मिलकर इससे लड़ सकते हैं, जीत सकते हैं.

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