ब्रिटेन: स्कूलों में प्रार्थना सभाएं बंद करने का सुझाव

इमेज कॉपीरइट Thinkstock

ब्रिटेन में एक रिपोर्ट के अनुसार, वहां स्कूलों में होने वाली सामूहिक प्रार्थना की प्रथा को ख़त्म करने की ज़रूरत है.

आर्ट्स एंड ह्यूमनिटीज़ रिसर्च काउंसिल के लिए किए गए अध्ययन के अनुसार, अधिकतर प्रार्थना सभाएं ईसाई धर्म से जुड़ी होती हैं, ऐसे में अन्य धर्मों के प्रति पक्षपात हो सकता है.

अध्ययन में यह भी कहा गया है कि इस तरह की प्रार्थनाओं का कोई औचित्य भी नहीं दिखता है.

वहीं अभिभावकों को भी नहीं पता होता कि वो अपने बच्चों को इस तरह की प्रार्थना सभाओं से अलग रहने को भी कह सकते हैं.

सरकार का कहना है कि इस तरह की सभाओं का स्कूलों में ख़ास महत्व होता है.

इंग्लैंड, वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के सभी स्कूलों में सामूहिक प्रार्थना सभाएं कराना अनिवार्य हैं.

अगर कोई स्कूल किसी ख़ास धर्म या मत से जुड़ा है तो उसे सभी काम उस धर्म के अनुसार करने होते हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty

लेकिन अगर स्कूल किसी धर्म विशेष से नहीं जुड़ा है तो अमूमन वह ईसाई धर्म का ही पालन करता है.

लेकिन लेस्टर यूनिवर्सिटी के इस अध्ययन में कहा गया है कि इस पर फिर से विचार किए जाने की ज़रूरत है.

यह भी कहा गया है कि स्कूलों को यह जानकारी भी सार्वजनिक करनी चाहिए कि वो किस तरह की धार्मिक गतिविधियां करवा रहे हैं जिससे अभिभावक अपने बच्चों के लिए फ़ैसले ले सकें.

ये भी कहा गया है कि जो छात्र इन गतिविधयों में हिस्सा न लेने का फ़ैसला करें, स्कूलों को उनके लिए कोई दूसरा विकल्प भी देना चाहिए.

वहीं शिक्षा विभाग के अनुसार सामूहिक प्रार्थना करने से बच्चों में विश्वास, सहिष्णुता के नैतिक मूल्य, आदर और दूसरों के लिए समझ बढ़ती है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)