समय पर सुलाने वाले ऐप की ज़रूरत..

इमेज कॉपीरइट Thinkstock

लंदन के एक डॉक्टर ने कहा है कि स्मार्टफ़ोन, टैबलेट और ईबुक रीडर में एक आटोमेटिक 'बेड टाइम' मोड होना चाहिए, जिससे लोग समय पर सो जाएं.

इवलिना चिल्ड्रन हास्पिटल के प्रोफ़ेसर पॉल ग्रिगर्स का कहना है कि शरीर की जैविक घड़ी को प्रभावित करने वाले और लोगों को देर शाम तक जगाने वाले नीले रंग के उत्सर्जन कम करने की ज़रूरत होती है.

उनके मुताबिक इसे अपने आप कम करने की व्यवस्था इन उपकरणों की सेटिंग में होनी चाहिए.

ग्रिगर्स ने कहा कि इन उपकरणों का हर नया मॉडल अधिक नीला और चमकीला था. उन्होंने कहा कि निर्माताओं को और अधिक जिम्मेदारी दिखाने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि शाम को अंधेरा घना होने के साथ ही शरीर में सोने में सहायक हार्मोन मेलाटोनिन का निर्माण शुरू हो जाता है.

इमेज कॉपीरइट Think Stock

प्रकाश के कुछ आयाम, जो कि स्पेक्ट्रम के अंत में नीले और हरे के रूप में पाए जाते हैं, वो शरीर के तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं.

ग्रिगर्स उपकरणों से निकलने वाले प्रकाश का विश्लेषण करते हैं. उनका यह अध्ययन फ्रॉंटियर इन पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित हुआ है.

अध्ययन में कहा गया है कि इस बात के स्पष्ट संकेत हैं कि नए उपकरण बड़े, चमकीले, कंट्रास्ट के ऊंचे स्तर और नीले रंग का अधिक उत्सर्जन करने वाले होंगे.

ग्रिगर्स ने बीबीसी से कहा, ''ये उपकरण दिन में उपयोग के लिए तो अच्छे हैं. लेकिन रात में उपयोग के लिए ठीक नहीं हैं.''

वो कहते हैं, ''आंकड़ों से पता चलता है कि अगर रात के समय आप इनमें से किसी एक उपकरण के सामने हैं तो ये आपको सोने से घंटे भर के लिए रोक सकते हैं.''

उन्होंने कहा कि नीले-हरे रंग के उत्सर्जन को कम करने के लिए लोगों को सोने के लिए सचेत करने वाले कुछ ऐप बनाए गए हैं जिनका इस्तेमाल करना चाहिए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार