जो पहुंचे ख़ून से सनी सड़कों पर पियानो बजाने

डेवीड मार्टेलो
Image caption पेरिस के बेटाक्लां थियेटर के बाहर पियानो बजाते जर्मन पियानो वादक डेवीडे मार्टेलो.

पिछले 13 नवबंर को पेरिस पर हुए हमले के बारे में जैसे ही जर्मनी के मशहूर पियानो वादक डेवीडे मार्टेलो ने सुना तो उन्होंने उसी समय फैसला किया कि वो बेटाक्लां थियेटर के बाहर पियानो बजाने के लिए जाएंगे.

इस्तांबुल में प्रदर्शनों के दौरान तकसीम चौक पर पियानो बजाने के लिए उन्हें जाना जाता है. यूक्रेन के ‘मैदान क्रांति’ के दौरान भी वो कीव में थे.

डेवीडे मार्टेलो ने बीबीसी रेडियो के आउटलुक कार्यक्रम में जो फ़िजेन को बताया, “जिस समय ये हमला हुआ मैं जर्मनी में अपने घर पर जर्मनी और फ्रांस के बीच फ़ुटबॉल मैच देख रहा था.”

वो कौन सी बात थी जिसकी वजह से उन्होंने पेरिस में पियानो बजाने का निर्णय लिया, इस पर वो कहते हैं, “जैसे ही ख़बर आई, उस समय लगा कि बस मुझे जाना चाहिए और एक पियानो बजाना चाहिए क्योंकि संगीत ही वो चीज़ है जो लोगों को एक संदेश देती है.”

डेवीडे ने 643 किलोमीटर दूर पेरिस तक अपने पियानो के साथ यात्रा की. उन्होंने अपने पियानो को कार के पीछे ट्रेलर में रखा और पेरिस की ओर चल पड़े.

उनके मुताबिक़, उन्हें पेरिस पहुंचने में छह से सात घंटे लगे.

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Image caption बैटक्लांग थियेटर के सामने यहां मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए लोग लगातार पहुंच रहे हैं.

ट्रेलर के साथ पेरिस के सबसे कड़ी सुरक्षा वाले इलाक़े में वो सुबह सुबह पहुंचे.

वो बताते हैं, “मैं बेटाक्लां थियेटर के अंदर जाना चाहता था, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों से मुझे अंदर जाने नहीं दिया. वहां काफी लोग थे और शुरू में मैं ज़्यादा कुछ समझ नहीं पाया.”

डेवीडे के अनुसार, “जब मैंने ट्रेलर से पियानो निकाल लिया तो देखा कि सड़क पर बहुत सारा खून जमा था. मैं पियानो बजाकर बस वापस अपनी कार में जाना चाहता था. क्योंकि ये मेरे लिए देखना मुश्किल हो रहा था.”

वो कहते हैं, “पियानो बजाने के दौरान लोगों की कैसी प्रतिक्रिया रही ये तो मुझे याद नहीं, क्योंकि यह बहुत दुखद घड़ी थी और मैं बहुत भारी मन से धुन बजाकर सीधे कार में आ गया. मैं बस घर वापस लौटना चाह रहा था.”

जब वो पियानो बजा रहे थे तो उनके इर्द गिर्द काफी लोग जमा हो गए थे और ये तस्वीर मीडिया में भी प्रसारित हुई.

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Image caption हमले के बाद लोगों को सुरक्षित निकालकर बाहर ले जाते हुए.

डेवीडे बताते हैं, “मैं किसी से बात नहीं करना चाहता था और सिर्फ वहां से दूर जाना चाहता था. क्योंकि वहां कुछ कहने के लिए था नहीं. यह बहुत दुखद था.”

वो कहते हैं कि उन्हें उम्मीद है कि लोगों को इससे कुछ सुकून मिला होगा.

अपनी अगली योजना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “अब मैं हर उस जगह जाकर पियानो बजाना चाहता हूँ, जहां शूटिंग हुई और फिर मैं जर्मनी लौट जाना चाहता हूँ.”

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