इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ यूएन एकजुट

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) को नेस्तनाबूद करने के लिए कार्रवाई तेज़ करने का संकल्प जताया है.

पिछले सप्ताह पेरिस में हुए चरमपंथी हमलों के बाद फ्रांस ने इस प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया था.

प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों से आईएस के ख़िलाफ़ लड़ाई में सभी ज़रूरी क़दम उठाने का आह्वान किया गया है.

पेरिस के कई इलाक़ों में पिछले सप्ताह हुए चरमपंथी हमलों में 130 लोग मारे गए थे और 350 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे.

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आईएस ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली थी. इस संगठन से साथ ही लेबनान में इस महीने हुए बम धमाकों में भी अपना हाथ बताया था.

आईएस से जुड़े एक गुट ने पिछले महीने मिस्र के सिनाई में रूस के एक यात्री विमान को गिराने का दावा किया है.

संयुक्त राष्ट्र की प्रस्ताव संख्या 2249 में ट्यूनीशिया के सूस और तुर्की के अंकारा में हुए हमलों की भी निंदा की गई है.

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सुरक्षा परिषद ने सदस्य देशों से इराक़ और सीरिया में आईएस तथा दूसरे चरमपंथी संगठनों की पनाहगाह को नेस्तनाबूद करने का आह्वान किया है.

प्रस्ताव में कहा गया है कि चरमपंथी हमलों से बचने और इन्हें नाकाम करने के लिए देशों को अपने प्रयास दोगुने करने चाहिए और समन्वय बढ़ाना चाहिए.

हालांकि इसमें चेप्टर आठ को लागू करने की बात नहीं है जो सैन्य शक्ति के इस्तेमाल का अधिकार देता है.

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फ्रांस और रूस की दलील है कि सैन्य कार्रवाई जायज है क्योंकि देशों को आत्मरक्षा का अधिकार है.

संयुक्त राष्ट्र का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब बेल्जियम ने राजधानी ब्रसेल्स में चरमपंथी हमले की आशंका जताई है और अलर्ट का स्तर बढ़ा दिया है.

पेरिस हमलों में शामिल कुछ लोग ब्रसेल्स में रहे थे. इस गुट का एकमात्र जीवित सदस्य सलाह अब्देसलाम फ़रार है और माना जा रहा है कि वह वापस ब्रसेल्स चला गया है.

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