भारतीय राजदूत को वापस भेजने की मांग

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Image caption रंजीत रे मानते हैं कि हाल के समय में नेपाल से भारत के रिश्ते ख़राब हुए हैं

भारत के साथ जारी तनाव के बीच मंगलवार को नेपाल की संसद में भारत विरोधी स्वर सुनाई दिए.

बीबीसी नेपाली सेवा के महेश आचार्य के अनुसार नेपाल मज़दूर किसान पार्टी नाम के एक वामपंथी दल के दो सांसदों ने संसद की बैठक के दौरान भारतीय राजदूत को वापस भेजने की मांग की.

बैठक में व्यवधान डालते हुए उन्होंने भारतीय राजदूत रंजीत रे के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की.

उन्होंने भारत पर नेपाल के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया. नेपाल में नया संविधान लागू होने के बाद से भारत और नेपाल के बीच तनाव चल रहा है.

भारत से लगने वाले नेपाल के कई इलाक़ों में संविधान का विरोध हो रहा है.

ऐसे में, भारत से नेपाल को होने वाली ज़रूरी सामानों की आपूर्ति में भी बाधा आ रही है जिसके कारण वहां दवा समेत कई चीज़ों की भारी क़िल्लत हो रही है.

नेपाल में बहुत से लोग इसे भारत की 'नाकेबंदी' का नाम देते हैं जिसका मक़सद उनके मुताबिक़ नेपाल पर अपने संविधान में बदलाव के लिए दबाव डालना है. लेकिन भारत इससे इनकार करता है.

नेपाल मज़दूर किसान पार्टी के दोनों सांसदों ने 'भारतीय नाकेबंदी' को तुरंत ख़त्म करने की मांग की है.

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