कोहिनूर पर दावा पाकिस्तानी अदालत में

इमेज कॉपीरइट Getty

पाकिस्तान के लाहौर हाई कोर्ट में कोहिनूर हीरे को वापस लौटाने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की गई है.

कोहिनूर हीरा लंबे समय से ब्रिटेन के शाही ख़ज़ाने में रखा हुआ है.

कोहिनूर दुनिया के सबसे महँगे हीरों में गिना जाता है और इसकी क़ीमत हज़ारों करोड़ रुपए आंकी जाती है.

ब्रिटेन की ईस्ट इंडिया कंपनी ने जब 1849 में पंजाब को अपने अधिकार में लिया था तभी ये हीरा उनके हाथ लग गया था.

मुकदमा दायर करने वाले वकील ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को जानकारी दी कि कोहिनूर पंजाब की विरासत का हिस्सा था. पंजाब भारत की आजादी के बाद 1947 में भारत और नए देश पाकिस्तान के बीच बंट गया था.

पाकिस्तानी अदालत इस मामले की सुनवाई करेगी या नहीं, यह अभी तय नहीं है.

इमेज कॉपीरइट PA

जानकारों का मानना है कि अगर इस याचिका पर सुनवाई होती भी है तो उसके किसी नतीजे पर पहुंचने की संभावना नहीं है.

कुछ हफ्ते पहले कोहिनूर को लौटाने की मांग करते हुए लंदन के हाई कोर्ट में एक भारतीय संगठन की ओर से कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई थी.

पिछले कई सालों से भारत की ओर से कोहिनूर हीरे की वापसी की मांग की जाती रही है. वे मानते हैं कि कोहिनूर का असली हकदार भारत है.

2010 में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने राजनेताओं की मांग को खारिज करते हुए कहा था कि कोहिनूर भारत को लौटाया नहीं जाएगा.

कोहिनूर हीरा ब्रिटेन की महारानी के ताज में जड़ा हुआ है.

इतिहासकार बताते हैं कि कोहिनूर के मालिक कई बार बदले. इनमें मुगल राजा, फारसी लड़ाके, अफगान शासक और पंजाबी महाराजा शामिल हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty

लाहौर हाई कोर्ट में जावेद इकबाल जाफरी की ओर से ब्रिटेन की महारानी के खिलाफ याचिका दर्ज की गई है.

जावेद इकबाल जाफरी ने रॉयटर्स को बताया, "किसी भी कानून में कब्जा करना या छीनना गैरकानूनी है."

उनके हवाले से कहा गया है कि उन्होंने कोहिनूर को लौटाने के बारे में पाकिस्तानी अधिकारियों और महारानी को अब तक 786 पत्र लिखे हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार