कैलिफ़ोर्निया के हमलावरों का 'परिवार सदमे में'

इमेज कॉपीरइट ABC NEWS I AP

अमरीका में सैन बर्नारडिनो के हमलावरों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों का कहना है कि हमलावरों का परिवार ‘पूरी तरह सदमे’ में है.

उनका कहना है कि परिवार को इस बात का ज़रा भी अहसास नहीं था कि सैयद रिज़वान फ़ारूक़ और उनकी पत्नी तशफ़ीन मलिक ऐसा कोई हमला कर सकते हैं.

अमरीकी जांच एजेंसी एफ़बीआई का कहना है कि वो 'आतंकवादी गतिविधि' मानते हुए इस घटना की जांच कर रही है. लेकिन वकीलों का कहना है कि किसी भी नजीते पर पहुंचने में जल्दबाजी न दिखाई जाए.

बुधवार को सैन बर्नारडिनो में हुई गोलीबारी में 14 लोग मारे गए जबकि 21 जख्मी हुए थे.

पुलिस के साथ जवाबी कार्रवाई में 27 वर्षीय तशफ़ीन मलिक और 28 वर्षीय सैयद रिज़वान फ़ारूक़ मारे गए.

इमेज कॉपीरइट AP

वकील डेविड चेल्सी और मोहम्मद अबुएरशैद का कहना है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इस दंपति की विचारधारा चरमपंथी थी या वो किसी चरमपंथी गुट के सदस्य थे.

सैयद रिज़वान की बहन सायरा ख़ान ने अमरीकी टीवी चैनल सीबीएस को बताया, “मैं कभी सोच भी नहीं सकती हूं कि मेरा भाई या फिर भाभी ऐसा कोई काम करेंगे, ख़ास कर तब, जब वो ख़ुशनुमा शादीशुदा जिंदगी बिता रहे थे और उनकी छह महीने की एक ख़ूबसूरत बेटी थी.”

बताया जाता है कि फ़ारूक अलग-थलग रहने वाले इंसान थे और उनके कुछ ही दोस्त थे जबकि तशफ़ीन मलिक के बारे में उनके परिवार का कहना है कि वो ‘एक ध्यान रखने वाली, मृदुभाषी’ गृहिणी थी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार