कश्मीर में लड़ने वाले मुजाहिदीन हैं: मुशर्रफ़

  • 9 दिसंबर 2015
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पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक और ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग के अध्यक्ष जनरल (सेवानिवृत्त) परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि भारत प्रशासित कश्मीर में लड़ने वाले दहशतगर्द नहीं बल्कि मुजाहिदीन हैं.

कराची में बीबीसी उर्दू को दिए एक ख़ास इंटरव्यू में जनरल मुशर्रफ़ ने ये भी साफ़ किया कि उनके अनुसार कश्मीर में तालिबान नहीं हैं.

उनका कहना था, ''हम उन्हें मुजाहिदीन कहते हैं, उन्हें कश्मीर और पाकिस्तान में बड़ी मदद हासिल है. कश्मीर में जो ज़ुल्म हो रहा है, लश्कर-ए-तैय्यबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसी मज़हबी तंज़ीमें निकलीं जो कश्मीरी भाईयों और बहनों के लिए वहां लड़ने और अपनी जान क़ुर्बान करने को तैयार थे. उन्हें तालिबान या दहशतगर्द नहीं कहते हैं, वे तो हमारे मुजाहिदीन हैं, हमारे फ़्रीडम फ़ाइटर हैं.''

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जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के सेनाप्रमुख रहते समय में भारत और पाकिस्तान के बीच करगिल युद्द हुआ था और उसी समय उनके और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ से उनके मतभेद सामने आए थे.

करगिल के कुछ दिनों बाद अक्तूबर 1999 में उन्होंने नवाज़ शरीफ़ का सत्ता पलट दिया था और ख़ुद शासक बन गए थे.

जनरल मुशर्रफ़ का कहना है कि अमरीका में 9/11 की घटना के बाद मुजाहिदीन का तालिबान के साथ गठजोड़ हो गया था.

मुशर्रफ़ ने कहा कि उन्होंने मुजाहिदीनों को ऐसा करने से मना भी किया था.

मुशर्रफ़ ने बातचीत के दौरान कहा, आप अलग रहें. ये क्या चरमपंथियों के साथ मिल रहे हैं. ये नहीं होना चाहिए, लेकिन ये हुआ जिससे और ज़्यादा गड़बड़ी हुई.

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हालांकि मुशर्रफ़ के कार्यकाल के दौरान कश्मीर के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच काफ़ी प्रगति हुई थी.

इस बारे में मुशर्रफ़ का कहना था कि वो मसले की हल की तरफ़ जा रहे थे.

मुशर्रफ़ ने कहा, ''ये सुनहरा मौक़ा होता है जब दोनों देशों के प्रमुख एक ही सोच रखते हों. अटल बिहारी वाजपेयी और मेरे बीच ये तय हुआ था कि बहुत नुक़सान और ज़ुल्म हो रहा है, इसको ख़त्म करना चाहिए.''

आगरा में तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से उनकी मुलाक़ात हुई लेकिन कुछ ख़ास नतीजा नहीं निकल सका.

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लेकिन भारत के मौजूदा प्रधानमंत्री के बारे में उनकी राय बिल्कुल अलग है.

उनका कहना था, ''अब नरेंद्र मोदी के दिमाग़ में ये बात नहीं है. वो तो पाकिस्तान को मरोड़ना और दबाना चाहते हैं. लेकिन उनकी सोच को तब्दील करने की ज़रूरत है. अगर वो सोच तब्दील नहीं करेंगे तो मामला आगे नहीं बढ़ेगा.''

पाकिस्तान में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे अभियान 'क़ौमी एक्शन प्लैन' के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सरकार में बैठे कुछ लोग ऐसे हैं जो चरमपंथियों के साथ वैचारिक स्तर पर मिले हुए हैं.

उन्होंने कहा कि सेना को सरकार और अफ़सरशाही की तरफ़ से जो मदद मिलनी चाहिए थी, वो नहीं मिल रही है.

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