सिंगापुर में अमरीकी जासूसी विमानों की तैनाती

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अमरीका अपने जासूसी विमान सिंगापुर में तैनात कर रहा है. अति उन्नत जासूसी विमान पी-8 पोसेडान को भी सिंगापुर में तैनात किया जाएगा.

माना जा रहा है कि दक्षिण चीन सागर में चीन की दावेदारियों को देखते हुए अमरीका ने ये फ़ैसला किया है.

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमरीका इस क्षेत्र में सेना की तैनाती को बढ़ावा दे रहा है.

उन्होंने ये भी कहा कि ये क्षेत्र के संयुक्त दीर्घकालिक हितों में नहीं है.

अमरीका ने कहा है कि वो सिंगापुर के पाया लेबार हवाई अड्डे पर सैन्य टोही विमान भी तैनात करेगा.

वॉशिंगटन में सोमवार को हुई बैठक में अमरीकी रक्षा मंत्री ऐश कार्टर और सिंगापुर के रक्षा मंत्री नग इंग हेनने के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे.

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साउथ चाइना सी में क्षेत्रीय दावे के मुद्दे पर चीन का अमरीका से मतभेद है.

अमरीकी नौसेना के प्रवक्ता लैफ़्टिनेंट कमांडर आर्लो अब्राहमसन ने बीबीसी से कहा, "यह सिर्फ़ दक्षिण चीन सागर के लिए नहीं है बल्कि ये सिंगापुर और इस क्षेत्र में हमारे अन्य सहयोगी देशों के लिए है."

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पिछले महीने अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सभी देशों से आह्वान किया था कि वे समुद्र में कृत्रिम द्वीपों के निर्माण और वहां सेना भेजने से बचें.

चीन ने लगभग समूचे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा किया है. चीन के अलावा वियतनाम, फिलिपीन्स, मलेशिया, ताइवान और ब्रुनेई भी इस जलक्षेत्र पर दावा करते हैं.

अमरीका इन पांचों देशों के साथ अपने रक्षा संबंध मज़बूत करने का काम कर रहा है.

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