ट्रंप के बयान से 'अमरीकी सुरक्षा को ख़तरा'

  • 9 दिसंबर 2015
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Image caption रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप उम्मीदवारी हासिल करने की रेस में काफ़ी आगे हैं.

अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने कहा है कि रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप का मुसलमान विरोधी बयान चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट को मज़बूत करने वाला और अमरीकी सुरक्षा को ख़तरे में डालने वाला है.

रिपब्लिकन पार्टी की तरफ़ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी हासिल करने की रेस में शामिल ट्रंप ने कहा है कि अमरीका में मुसलमानों के आने पर पूरी तरह रोक लगा देनी चाहिए.

उन्होंने ये बात कैलिफोर्निया में हुई हालिया गोलीबारी की घटना के सिलसिले में कही थी, जिसमें एक मुसलमान दंपति के हमले में 14 लोग मारे गए थे.

लेकिन पेंटागन के प्रेस सचिव पीटर कुक ने कहा है कि ट्रंप के बयान से इस्लामिक स्टेट (आईएस) को ही मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा कि मुसलमानों के लिए अमरीका के दरवाज़े बंद करने से चरमपंथी विचारधारा से लड़ने के अमरीकी प्रयासों को नुक़सान होगा.

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Image caption सीरिया और इराक़ के एक बड़े हिस्से पर इस्लामिक स्टेट का नियंत्रण है

कुक के मुताबिक, "जो भी बातें आईएसआईएल के संदेश को बढ़ावा देती हैं और अमरीका को मुसलमानों के ख़िलाफ बताती हैं, वो न सिर्फ़ हमारे मूल्यों के विपरीत हैं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के भी विपरीत है."

ट्रंप को अपने इस बयान के कारण न सिर्फ़ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना झेलनी पड़ रही है, बल्कि उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी के कई नेताओं ने भी उन्हें निशाना बनाया है.

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा कि ट्रंप का बयान आईएस के ख़िलाफ लड़ाई में मददगार नहीं है.

अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस भी ट्रंप के बयान की कड़ी आलोचना कर चुका है.

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