सड़कों पर दिखेंगी चालक रहित मिनी बसें?

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नीदरलैंड्स में वाख़निंग्न यूनिवर्सिटी और एयड सिटी के बीच प्रयोग के तौर पर दो इलेक्ट्रिक वाहन चलाए जा रहे हैं. यूनिवर्सिटी और एयड सिटी के बीच की दूरी करीब 3.5 मील है.

इन इलेक्ट्रिक वाहनों को वीपॉड्स कहा जा रहा है. ये ग्लास के बड़े बक्से जैसे नजर आते हैं. इनका ना तो कोई स्पष्ट सामने का हिस्सा है और ना ही पीछे का. लेकिन ये चिंता की बात नहीं है क्योंकि इनमें ना तो स्टीयरिंग है और ना ही कोई ऑपरेटर कंट्रोल.

दरअसल ये रोबोट वैन हैं जिन्हें स्मार्टफ़ोन के ऐप बुलाया जा सकता है. इनमें एक साथ 12 यात्री सवार हो सकते हैं और ये वाहन 15 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से चलते हैं.

वीपॉड्स का इस्तेमाल पहले सीमित ढंग से एयरपोर्ट के अंदर निर्धारित सड़को पर किया गया है. लेकिन ऐसा पहली बार है कि इन्हें आम ट्रैफिक वाली सड़कों पर इस्तेमाल किए जाने की योजना बनाई गई है.

हालांकि अभी ये शुरुआती चरण ही है. फ़िलहाल वीपॉड्स का इस्तेमाल ख़राब मौसम, पीक ट्रैफ़िक ऑवर और रात में नहीं होगा.

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वैसे इस वाहन में कैमरा, रडार, और लेज़र सेंसर इत्यादि लगे हुए हैं. इसी के साथ ऐप के इस्तेमाल से इसका जगह जगह पर पिक-अप का समय निर्धारित किया गया है. लेकिन इसके बैक-अप के तौर पर मानव कंट्रोल और इंटेलिजेंस होगा.

ज़रूरत पड़ने पर ये मानव संचालित भी हो सकता है. अगर कोई यात्री यात्रा के दौरान कम्यूनिकेशन बटन दबाए तो कंट्रोल रूम में बैठा तकनीशियन कंट्रोल सेंटर में बैठे हुए कैमरे की मदद से तुरंत सक्रिय हो कर इसका नियंत्रण अपने हाथ में ले लेगा और अप्रत्याशित अवरोधों के सामने इसे सुरक्षित रास्ते से निकालने की कोशिश करेगा.

वैसे इन वीपॉड्स की राह की सबसे बड़ी बाधा यातायात से जुड़े नियम हैं क्योंकि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में रोबोट वाहन चलाने की फ़िलहाल इज़ाजत नहीं है.

लेकिन अगर नीदरलैंड में चलने वाला ये प्रयोग कामयाब हुआ तो इस देश में ऐसे वीपॉड्स की संख्या कई गुना बढ़ सकती है और तब ये इतने विचित्र नहीं लगेंगे.

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहाँ पढ़ें जो बीबीसी ऑटोस पर उपलब्ध है.

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