एक मुसलमान ने मुझे मारा, दूसरों ने बचाया..

  • 12 दिसंबर 2015
क्रिस हर्बर्ट इमेज कॉपीरइट Chris Herbert Facebook

''जी हां, एक मुस्लिम आदमी ने मुझे बम से उड़ा दिया और मेरा एक पैर नहीं रहा.''

क्रिस हर्बर्ट ने फ़ेसबुक पर नफ़रत भरी टिप्पणियां करने वालों को कुछ यूं जवाब दिया.

पूर्व सैनिक हर्बर्ट पोर्ट्समाउथ यॉर्कशायर रेजिमेंट की ओर से इराक़ में रह चुके हैं और बसरा में सड़क के किनारे हुए बम विस्फ़ोट में उनका एक पैर उड़ गया था.

लेकिन इस्लाम के ख़िलाफ़ नफ़रत से अलग, उन्होंने अपनी पोस्ट में उन मुसलमानों की तारीफ़ की, जिन्होंने उनके ज़ख़्मी होने पर उनकी मदद की थी.

पोस्ट में उन्होंने लिखा, ''उस दिन ब्रितानी वर्दी पहने एक मुस्लिम आदमी का हाथ चला गया. जिस हेलिकॉप्टर से मुझे ले जाया गया, उसमें एक मुस्लिम स्वास्थ्यकर्मी था. एक मुसलमान सर्जन ने मेरी सर्जरी की, जिसकी वहज से मेरी जान बची. जब मैं ब्रिटेन लौटा, तो जिस टीम ने मेरी मदद की, उनमें एक मुस्लिम नर्स भी थी.''

इमेज कॉपीरइट Chris Herbert Facebook

हर्बर्ट ने बताया कि इस्लाम विरोधी एक ग्रुप ने उन्हें अपना 'पोस्टर ब्वॉय' बनाने की कोशिश की थी, इसलिए उन्होंने यह पोस्ट लिखी.

उन्होंने ऐसी घटनाओं का ज़िक्र किया जिसमें 'गोरे अंग्रेज़ों' का व्यवहार उनके प्रति बहुत अक्खड़ और दुर्व्यवहार वाला था.

वे पोस्ट में कहते हैं, ''हालांकि, ठीक होने में बहुत से लोगों ने मेरी मदद की! लेकिन मैं गोरे अंग्रेज़ों से भी नफ़रत नहीं करता.''

वे कहते हैं, ''मैं जानता हूँ कि किसे नापसंद करना है और किसे नहीं. किसकी तारीफ़ करनी है और किसकी नहीं. अगर आप एक नस्ल के कुछ लोगों के कामों के लिए उस पूरी नस्ल के आदमियों और औरतों से नफ़रत करना चाहते हैं, तो बेधड़क करें, लेकिन अपने विचार मुझ पर ये समझकर न थोपें कि मैं आसानी से इनका शिकार हो जाऊंगा.''

हर्बर्ट के अनुसार, ''इस्लामिक स्टेट और तालिबान जैसे ग्रुपों की कार्रवाइयों के लिए सभी मुसलमानों को दोष देना वैसा ही है जैसे केकेके या वेस्टबोरो बैप्टिस्ट चर्च के लिए सभी ईसाइयों को दोषी ठहराना.''

इमेज कॉपीरइट Chris Herbert

पोस्ट के अंत में कहा गया, ''अपनी ज़िंदगी की लगाम खुद थामें. अपने परिवार को गले लगाएं और काम में जुट जाएं.''

उनकी पोस्ट पर एक टिप्पणी में कहा गया, ''मैंने फ़ेसबुक पर अब तक इससे बेहतर बात नहीं पढ़ी.'' एक अन्य टिप्पणी थी, ''उन लोगों को धिक्कार है, जो आपकी तरह नहीं देख सकते.''

इस पोस्ट को क़रीब 80,000 बार साझा किया गया और प्लाइमाउथ के एमपी और पूर्व सैनिक जॉनी मर्सर समेत बहुत से लोगों ने इसे ट्विटर पर भी साझा किया.

जॉनी मर्सर ने बीबीसी ट्रेंडिंग को बताया कि ''क्रिस की टिप्पणी बहुत से सैनिकों के विचारों को दिखाती है.''

हालांकि हर्बर्ट ने अपनी पोस्ट के बारे में मीडिया को अब तक इंटरव्यू नहीं दिया है पर उन्होंने अपने फ़ेसबुक पेज के कमेंट सेक्शन में लिखा, ''ये थोड़ा ज़्यादा हो गया.''

हालांकि वह कहते हैं, ज़िंदगी पहले जैसी है, ''सुबह उठना, कुत्ते को टहलाना और वीडियो देखना.''

(एड प्रेंडेविले का ब्लॉग)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए