जलवायु परिवर्तन पर समझौते को मंज़ूरी

इमेज कॉपीरइट Getty

विश्व के 195 देशों ने पेरिस में तैयार जलवायु परिवर्तन के समझौते को मंज़ूरी दे दी है.

समझौते के अनुसार वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस पर सीमित करने का लक्ष्य रखा गया है.

इमेज कॉपीरइट epa
Image caption फ्रांस के विदेश मंत्री ने समझौते पर मांगा समर्थन

फ्रांस के विदेश मंत्री लौरां फाबियुस ने समझौते की घोषणा तालियों की गड़गड़ाहट के बीच की.

इससे पहले, फ्रांसीसी समाचार एजेंसी एएफ़पी ने कहा था कि 134 विकासशील देशों वाले समूह ने जलवायु परिवर्तन पर प्रस्तावित समझौते को अपना समर्थन दे दिया है.

इस समझौते में दुनिया भर के तापमान में वृद्धि को 2 डिग्री से भी कम सेल्सियस से कम रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

पेरिस में चल रहे जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के आयोजकों ने शनिवार दोपहर बाद समझौते का कुछ ब्यौरा जारी किया था.

इमेज कॉपीरइट getty
Image caption संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने कहा, पृथ्वी को बचाना होगा

फ्रांस के विदेश मंत्री लौरां फाबियुस ने कहा कि यह 'एक निष्पक्ष और क़ानूनी तौर पर बाध्यकारी समझौता' है.

उन्होंने कहा कि इससे दुनिया के तापमान में वृद्धि को दो डिग्री सेल्सियस से कम रखने में मदद मिलेगी. उनके मुताबिक अगर इसे मंज़ूरी मिल गई तो ये एतिहासिक होगा.

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने इस समझौते को अभूतपूर्व बताया है और अन्य देशों से इसके मसौदे को अपनाने की अपील की था.

Image caption अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा बाध्यकारी समझौते के हक़ में नहीं हैं

वहीं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की-मून ने कहा था कि अगर देशों को अपना हित करना है तो उन्हें वैश्विक हित के लिए आगे बढ़ना होगा.

उन्होंने कहा, "प्रकृति हमें संकेत भेज रही है. सभी देशों के लोग आज जितने भयभीत पहले कभी नहीं रहे. हमें अपने गृह को बचाने के साथ उसे संभालना भी होगा."

पेरिस की बैठक में क़रीब 200 देश हिस्सा ले रहे हैं जो एक ऐसा मसौदा तैयार करने की कोशिश में थे जो 2020 से लागू होगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार