बुरे बॉस पैसिव स्मोकिंग की तरह?

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क्या बुरे बॉस के साथ काम करना आपके स्वास्थ्य को उतना ही नुक़सान पहुंचाता है, जितना नुक़सान पैसिव स्मोकिंग से होता है?

लिंक्डइन की एक ख़बर के मुताबिक यह सही है और स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक भी.

हारवर्ड बिज़नेस स्कूल और स्टैन्फ़र्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अमरीका में हुए 200 अध्ययनों के आधार पर बताया कि कामकाजी तनाव का स्वास्थ्य पर पैसिव स्मोकिंग जैसा असर होता है.

यह ख़बर क्वार्टज़ वेबसाइट पर भी प्रकाशित हुई.

अमेेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक़ 75 फ़ीसदी कमर्चारी दबाव की सबसे बड़ी वजह अपने बॉस को बताते हैं.

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रिपोर्ट के हवाले से बताया गया कि मैनेजर को स्ट्रेस की वजह बताने वाले अधिकतर कर्मचारी (करीब 59 फ़ीसदी) उन्हीं के साथ काम करते रहते हैं और नौकरी छोड़ते भी नहीं हैं.

इस रिपोर्ट के मुताबिक़ लोग अपनी नौकरी में इतना कम्फ़र्टेबल हो जाते हैं कि उनके लिए नौकरी बदलना और बेहतर नौकरी तलाशना मुश्किल हो जाता है.

यही नहीं, कामकाजी तनाव की सूची में सबसे ऊपर नौकरी खोने का ख़तरा होता है. इसके चलते आपका स्वास्थ्य गड़बड़ाने की आशंका 50 फ़ीसदी बढ़ जाती है. कामकाजी भूमिका बढ़ने से भी डॉक्टरी मदद की ज़रूरत पड़ने की आशंका 35 फ़ीसदी बढ़ जाती है.

हालांकि बॉस के साथ टकराव या अनबन के कई मामलों में तो अहं का टकराव ही प्रमुख होता है. लेकिन कुछ मैनेजर असल में बुरे बर्ताव वाले, ज़रूरत से ज़्यादा आक्रामक, आत्मकेंद्रित और कई बार हिंसक भी होते हैं.

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नौकरी का बाज़ार कई जगह मुश्किलों भरा होता है क्योंकि नई नौकरी का विकल्प हमेशा संभव भी नहीं होता. ऐसे में अच्छा काम करने के प्रति दिलचस्पी कम हो जाती है.

मगर दिलचस्पी सबसे ज़रूरी है. तो क्या है तरकीब?

अपने कामकाजी जीवन में आप रोज़ाना का लक्ष्य तय करें. हर दिन ये भी देखें कि आपने हर लक्ष्य पूरा किया या नहीं. लक्ष्य से जुड़ी उपलब्धि का भाव आपको हमेशा गतिशील रखेगा.

सप्ताह के अंत में अपना फ़ोन और ईमेल बंद रखेें. इससे आप नई ऊर्जा के साथ नया कामकाजी सप्ताह शुरू कर पाएंगे. भले इन तरकीबों को कम समय के लिए अपनाना पड़े, लेकिन ये फ़ायदेमंद हो सकती हैं.

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहाँ पढ़ें, जो बीबीसी कैपिटल पर उपलब्ध है.

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