एक नया मोड़ है पेरिस समझौता: ओबामा

  • 13 दिसंबर 2015

पेरिस में जलवायु परिवर्तन पर हुए समझौते पर सभी देशों ने सहमति जताई है. अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा, "पृथ्वी को बचाने के लिए हमारे पास यह सबसे अच्छा विकल्प है."

उन्होंने कहा कि कम कार्बन वाले भविष्य को पाने के लिए यह एक 'नया मोड़' साबित हो सकता है.

समझौते को 'महत्वाकांक्षी' करार देते हुए ओबामा ने कहा, "हमने दिखा दिया है कि अगर हम सब एक साथ खड़े हो जाएं तो क्या हासिल कर सकते हैं."

उन्होंने आगे कहा, "इस समझौते का मतलब उस कार्बन उत्सर्जन को कम करना है जो पृथ्वी के लिए ख़तरा है. इसमें निवेश के चलते रोज़गार और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा."

हालांकि उन्होंने यह भी माना कि यह समझौता 'संपूर्ण' नहीं है.

इमेज कॉपीरइट BBC CHINESE
Image caption मुख्य चीनी वार्ताकार शी ज़ेनहुआ ने कहा ये आदर्श समझौता तो नहीं है

वहीं विश्व में सबसे अधिक प्रदूषण के लिए ज़िम्मेदार चीन ने भी इस समझौते की सराहना की है लेकिन चीन के मुख्य वार्ताकार शी ज़ेनहुआ ने यह भी कहा कि यह कोई आदर्श समझौता नहीं है.

लेकिन उन्होंने कहा कि केवल इस वजह से हम यह ऐतिहासिक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे.

इमेज कॉपीरइट EPA

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि जलवायु परिवर्तन अभी भी एक चुनौती है लेकिन इस मुद्दे के प्रति न्याय ज़रूर हुआ है. समझौते की मुख़्य बातें:

  • वैश्विक तापमान को दो डिग्री सेल्सियस से नीचे रखना और कोशिश करना कि वो 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक न बढ़े.
  • हर पांच साल में प्रगति की समीक्षा.
  • विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्तिय सहायता के लिए 100 अरब डॉलर प्रति वर्ष देना और भविष्य में इसे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार