जेटली ने कांग्रेस को नेहरू की याद दिलाई

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संसद के मौजूदा सत्र के हंगामे की भेंट चढ़ने के आसार पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस को नसीहत दी है.

फ़ेसबुक पर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाला नेहरू की याद दिलाते हुए जेटली ने कहा है, "जो लोग पंडित नेहरू की विरासत का दावा करते हैं उन्हें ख़ुद से ये सवाल ज़रूर करना चाहिए कि वो कैसा इतिहास गढ़ रहे हैं."

जेटली ने एक फ़ेसबुक पोस्ट में कहा, "राष्ट्र संसद के जनहित के मुद्दों पर बहस करने और जीएसटी पर ऐतिहासिक संवैधानिक संसोधन बिल को पारित करने का इंतज़ार कर रहा है. लेकिन ये सब अनिश्चितकाल के लिए टाला जा रहा है. हमें स्वयं से ये सवाल पूछना चाहिए कि क्या हम अपने प्रति और राष्ट्र के प्रति ईमानदार हैं."

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अपनी पोस्ट में वित्त मंत्री ने पंडित जवाहर लाल नेहरू के संसद में दिए गए एक भाषण की याद दिलाते हुए कहा कि 28 मार्च 1957 को लोकसभा में दिए गया नेहरू का भाषण सभी को ज़रूर पढ़ना चाहिए.

उनके भाषण के एक अंश का हवाला देते हुए जेटली ने कहा, "यहां, हम इस संसद में जो भारत की सर्वोच्च संस्था है भारत में शासन की ज़िम्मेदारी के लिए बैठे हैं."

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Image caption कांग्रेस नेशनल हेरल्ड अख़बार मामले को मुद्दा बनाकर राज्यसभा में लगातार हंगामा कर रही है.

उन्होंने कहा, ''निश्चित रूप से, इस स्वतंत्र संस्था का सदस्य होने से बड़ी ना कोई ज़िम्मेदारी है और न इससे महान कोई विशेषाधिकार है. ये संसद इस देश में रहने वाले लाखों लोगों की क़िस्मत तय करने के लिए ज़िम्मेदार है. हममें से सभी ने कभी ना कभी इस ज़िम्मेदारी का अहसास ज़रूर किया होगा और यहां होने पर अपनी क़िस्मत का भी. ये अलग मामला है कि हम यहां बैठने के क़ाबिल हैं या नहीं. न सिर्फ़ इन पाँच सालों में हमने इतिहास के किनारे रहकर काम किया और कभी-कभी हमने इतिहास बनाने की प्रक्रिया में गोता भी लगाया है.''

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