लोकल सर्च: फ़ेसबुक बनाम गूगल बनाम येल्प

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फ़ेसबुक अब एक नई सर्विस लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है. अलग-अलग शहरों में छोटे धंधों और बिज़नेस की लिस्टिंग और रिव्यु के बिज़नेस में वो आना चाहता हैं. ये फ़ीचर सिर्फ़ डेस्कटॉप या लैपटॉप के ज़रिये देखा जा सकेगा.

इस सर्विस की मदद से आप फ़ोटोग्राफ़र, डॉक्टर, रेस्टोरेंट, छोटी दुकानें और कई ऐसे बिज़नेस के बारे में सर्च कर सकेंगे. फ़ेसबुक ने ऐसी 85 तरह के बिज़नेस की लिस्ट तैयार कर ली है. फ़ेसबुक पर दुनिया भर के पांच करोड़ से ज़्यादा बिज़नेस फ़िलहाल लिस्ट किये हुए हैं जिनमें लोगों के रिव्यु भी हैं.

सर्च इंजन लैंड में एक ख़बर के अनुसार फ़ेसबुक की ये सर्विस, जो अभी लॉन्च नहीं की गई है, गूगल और येल्प के टक्कर में होगी. सर्च इंजन लैंड की इस रिपोर्ट के अनुसार यहां पर आपको बिज़नेस के बारे में जानकारी मिल पाएगी और उसके काम करने का समय. इसके साथ, उस जगह के मैप के अलावा, उस बिज़नेस के बारे में लोगों के रिव्यु को भी देखने को मिलेगा.

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क़रीब दो दशक पहले गूगल ने ऐसे ही सर्च और उसके साथ जुड़े विज्ञापन के ज़रिये अपना नया बिज़नेस शुरू किया था. उसका नाम है ऐडवर्ड्स. तब नेटस्केप नैविगेटर और इंटरनेट एक्स्प्लोरर गूगल के प्रतिद्वंदी थे पर गूगल ने धीरे-धीरे सर्च एडवरटाइज़िंग के बाज़ार में ऐसी पैठ बनायी जिसको तोड़ना मुश्किल रहा है. गूगल के ऐसे ही सर्विस को फ़ेसबुक, और कुछ दूसरी कंपनियां, अब आपके और पास ला रही हैं.

तब से लेकर अब तक ऐडवर्ड्स ने ऑनलाइन एडवरटाइज़िंग में दूसरों को अपने बाज़ार में सेंध नहीं मारने दिया है. लेकिन जैसे-जैसे ये बाज़ार बढ़ रहा है, दूसरी कंपनियां इससे होने वाली कमाई की तरफ़ खींची चली आ रही हैं.

अगर आप किसी नए शहर में जा रहे हैं तो आप अपने लिए डिनर की एक जगह को ढूंढ सकते हैं. लोकल सर्च की ये सर्विस फ़ेसबुक के लिए एक नया बाज़ार शुरू कर सकती है जिससे कि वो सर्च एडवरटाइज़िंग के बाज़ार में गूगल की पैठ को टक्कर दे सकता है. दुनिया भर की कई कंपनियां अलग-अलग बाज़ारों में लोगों को मदद कर रही हैं लेकिन फ़ेसबुक के आ जाने से आप कहीं भी हों, अपनी ज़रुरत की चीज़ अब आप एक ही प्लेटफ़ार्म पर खोज सकेंगे.

गूगल के अलावा, फ़ेसबुक की टक्कर येल्प नाम की एक ऐसी कंपनी से है जो छोटी है पर लोगों के बीच काफ़ी पसंद की जाती है. अमरीका और यूरोप के कई देशों में काफ़ी पसंद किया जाता है पर येल्प अभी तक भारत में मौजूद नहीं है.

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फ़ेसबुक के लिए यही बढ़िया मौक़ा है क्योंकि भारत में उसके इस्तेमाल करने वाले काफ़ी है और ये काफ़ी तेज़ी से बढ़ता ऑनलाइन बाजार है. फोरस्क्वायर नाम की कंपनी भी इसी बाज़ार में है लेकिन इन तीनों के मुक़ाबले छोटी है.

येल्प की वेबसाइट के अनुसार वो 33 देशों के अलग-अलग शहरों में कुछ ऐसा समझिए कि यलो पेज की तरह तो काम करता है. लेकिन चूंकि लोगों ने छोटे-छोटे बिज़नेस और प्रोफ़ेशनल सर्विस पर अपनी रेटिंग दी हुई है इसलिए लोग उसपर भरोसा करते हैं.

येल्प किसी भी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट की तरह काम करता है. आप यहां लॉग इन करके अपना पिन कोड डाल कर अपनी ज़रुरत के बिज़नेस के बारे में सर्च कर सकते हैं. उसके बाद आपको रिव्यु लिखने का मौक़ा भी मिलता है. येल्प की सफलता का राज़ है कि लोग वहां पर अपने रिव्यु लिख सकते हैं जिसे छोटे बिज़नेस चलाने वाले बहुत ध्यान से पढ़ते हैं. ख़राब रिव्यु का मतलब हो सकते है धंधे में नुक़सान.

फ़ेसबुक के मुक़ाबले येल्प के पास सिर्फ़ 10 लाख ऐसे बिज़नेस हैं जो उसे विज्ञापन देते हैं.

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फ़ेसबुक जैसी कंपनी बड़े ब्रांड के ऑनलाइन ख़र्च पर काफ़ी निर्भर करती है. लेकिन अगर ये ब्रांड के धंधे में कमी लाती है तो ये विज्ञापन के ख़र्च में कटौती कर देती हैं. अगर छोटे-छोटे करोड़ों धंधों से छोटी रक़म की एडवरटाइज़िंग लेकर फ़ेसबुक काम कर सकता है तो उसे बड़े ब्रांड के ख़र्च पर निर्भर नहीं करना होगा.

ऐसे करोड़ों छोटे बिज़नेस के साथ जुड़ने में फ़ायदा ये भी है कि चूंकि ये दुनिया भर में फैले है, इनके विज्ञापन के ख़र्च में एक साथ कमी नहीं आएगी. इसीलिए, अगर आर्थिक मंदी की स्थिति आएगी तो फ़ेसबुक की कमाई पर बहुत ज़्यादा असर नहीं पड़ेगा.

फ़ेसबुक ने सर्च इंजन लैंड के रिपोर्ट में ये बताया कि सर्विस (https://www.facebook.com/services) हाल में शुरू की गई है लेकिन इसके बारे में और कोई जानकारी नहीं दी गई है.

येल्प और गूगल की लड़ाई के बारे में क़िस्से मशहूर हैं. 2011 में गूगल के ख़िलाफ़ एक सरकारी जांच में येल्प के सीईओ ने दुनिया की सबसे बड़ी सर्च कंपनी के ख़िलाफ़ बयान दिया था.

लेकिन अब फ़ेसबुक के आ जाने से ये लड़ाई और घमासान हो सकती है. ये कंपनियां आपको मदद तो करना चाहती ही हैं लेकिन उनकी एक आँख ख़र्च होने वाले विज्ञापन की रक़म पर है. आप गूगल, फ़ेसबुक या येल्प में से जो भी चुनेंगे, विज्ञापन देने वालों के साथ पलड़ा उन्हीं का भारी होगा.

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