श्रीलंका में सेंटा और क्रिसमस ट्री पर बैन

चर्च, कोलंबो इमेज कॉपीरइट Getty

श्रीलंका में कैथोलिक चर्च ने एक निर्देश जारी कर त्यौहार के दौरान सभी चर्चों में सेंटा क्लॉज़ और क्रिसमस ट्री पर प्रतिबंध लगा दिया है.

ऐसा पहली बार हो रहा है कि चर्च ने इस तरह का दिशा निर्देश जारी किया हो. लेकिन यह अभूतपूर्व क़दम उठाने की ज़रूरत क्यों पड़ी?

कोलंबो में फ़ादर इग्नेटियस वर्नाकुलासिंगम ने बीबीसी को बताया, "क्रिसमस ट्री धार्मिक चिन्ह नहीं है. इसकी शुरुआत यूरोप में हुई, खासकर जर्मनी में क्योंकि सर्दियों में वहां हरियाली नहीं दिखती थी, इसलिए लोग हरे पेड़ों की शाखाएं काटकर अपने घरों में रखने लगे, ताकि हरा रंग देख सकें."

वो बताते हैं, "धीरे धीरे लोग इसे सजाने लगे और क्रिसमस के दौरान बच्चों को दिए जाने वाले उपहार भी इसमें रखने लगे. लेकिन इसे चर्च की सैंक्चुरी में नहीं रखा जा सकता."

लेकिन आज यह एक धार्मिक चिन्ह जैसा बन चुका है और वेटिकन में भी क्रिसमस ट्री है. यहां तक कि पोप ने भी माना है कि उनके पास क्रिसमस ट्री है.

इमेज कॉपीरइट GETTY IMAGES

इस पर फ़ादर इग्नेटियस का कहना है कि वेटिकन में इसे चर्च के बाहर वेटिकन स्क्वायर में रखा गया है.

हालांकि सेंटा क्लॉज़ का ईसा मसीह के साथ कोई संबंध नहीं है लेकिन वो इसका क्यों विरोध कर रहे हैं?

फ़ादर इग्नेटियस कहते हैं, “असल में सेंटा क्लॉज़ की शुरुआत संत निकोलस के साथ हुई. वो एक बिशप थे और ग़रीबों के प्रति काफ़ी चिंता करते थे. 1940 में संत निकोलस का नाम इतालवी में सांटो क्लाउज़ हो गया और फिर सांटो क्लाउज़ सेंटा क्लॉज़ बन गया.”

वो कहते हैं, “लेकिन सेंटा क्लॉज़ का व्यावसायीकरण हो चुका है. हमने हाल ही में कोलंबो में दो सेमिनार आयोजित किया था, हालांकि इसमें बहुत लोग नहीं आए, लेकिन अब हम संत निकोलस के बारे में सही जानकारी का प्रसार कर रहे हैं. ”

इमेज कॉपीरइट AFP

लेकिन सेंटा क्लॉज़ से संत निकोलस करना कितना मुश्किल काम है?

वो बताते हैं, “वाक़ई ये बहुत ही मुश्किल काम है, क्योंकि सभी दुकानों में केवल सेंटा क्लॉज़ ही मौजूद है.”

हालांकि इसमें एक 'मस्ती' का भाव भी छिपा है, इस पर प्रतिबंध लगाना कितना सही होगा?

फ़ादर इग्नेटियस के मुताबिक़, "इसमें 'मस्ती' नहीं बल्कि खुशी का भाव है. लेकिन यह कहते हुए बहुत दुख होता है कि अमरीका में लोग हैपी क्रिसमस की जगह हैपी हॉलीडे कहते हैं."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार