'ईरानी राजनयिक 48 घंटे में देश छोड़ें'

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सऊदी अरब ने ईरानी राजनयिकों को 48 घंटों के भीतर देश छोड़ देने के लिए कहा है.

शिया धर्मगुरु निम्र-अल-निम्र को सज़ा-ए-मौत दिए जाने के बाद ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव काफी बढ़ गया है.

सऊदी विदेश मंत्री अदेल अल-ज़ुबैर ने रविवार को कहा था कि उनके देश ने ईरान के साथ सभी राजनयिक संबंध खत्म कर लिए हैं.

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इस बीच ईरान ने धर्मगुरु के फांसी की सज़ा को रियाद की बड़ी भूल बताते हुए कहा कि वो इसे कभी भी नहीं भूलेगा.

उधर अमरीका ने दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील की है. अमरीका ने कहा है कि आपसी मतभेदों को मिटाने के लिए राजनयिक स्तर पर बातचीत होती रहनी चाहिए.

चरमपंथ फैलाने के आरोप में सऊदी अरब ने शनिवार को शिया धर्म गुरु और 46 अन्य लोगों को फांसी दे दी थी.

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ईरान की राजधानी तेहरान में सऊदी दूतावास के बाहर प्रदर्शनों के बाद विदेश मंत्री अदेल अल-ज़ुबैर ने कहा था कि वे तेहरान से अपने राजनयिकों को वापिस बुला रहे हैं.

ज़ुबैर ने ईरान पर हथियार वितरण करने और पूरे क्षेत्र में चरमपंथ सेल स्थापित करने का आरोप लगाया.

ज़ुबैर ने कहा कि ईरान का इतिहास हमेशा से ही अरब मामलों में हस्तक्षेप करने और नुकसान पहुंचाने का रहा है.

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इस बीच अमरीकी स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता जॉन किरबी ने कहा कि उनका देश समूचे क्षेत्र के नेताओं से हस्तक्षेप कर शांति बहाली में सहयोग देने का आग्रह करेगा.

उन्होंने दोहराया कि उनका देश राजनयिक गतिविधियों और सीधी बातचीत में यक़ीन रखता है.

बीबीसी के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संवाददाता लिसे डूसेट के मुताबिक मध्य पूर्व क्षेत्र में दो बड़े शिया और सुन्नी देशों के बीच गतिरोध पूरे क्षेत्र के लिए तनाव का सबब हो सकता है.

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इससे पहले ईरान के शीर्ष धार्मिक नेता अयातुल्ला अली ख़मेनेई ने शेख निम्र को सज़ा देने पर तीखी प्रतिक्रिया जताई.

उन्होंने कहा है कि सऊदी अरब को इसके लिए 'अल्लाह के कहर' का सामना करना पड़ेगा.

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