सरेआम माँ की हत्या की आईएस चरमपंथी ने

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सीरिया में एक इस्लामिक स्टेट चरमपंथी ने सरेआम अपनी माँ की हत्या कर दी है. उसकी माँ ने उसे यह संगठन छोड़ने को कहा था.

ब्रिटेन में मौजूद सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स और रक़्क़ा इज़ बीईंग स्लॉटर्ड सायलेंटली संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस घटना की जानकारी दी है.

इस महिला की हत्या उस पोस्ट ऑफ़िस के पास की गई, जहां वे काम करती थीं.

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रक़्क़ा में मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक़ 21 साल के अली सक़्र पर आरोप है कि उसने इस्लामिक स्टेट के दूसरे सदस्यों को बताया था कि उसकी माँ लीना अल क़ासेम ने उसे संगठन छोड़ने को कहा है और आईएस के ख़ात्मे की बात भी कही थी.

इस सूचना के मिलने के बाद आईएस ने इस महिला को गिरफ़्तार कर लिया था और मौत की सज़ा सुनाई थी. इसके बाद इस चरमपंथी ने सरेआम अपनी माँ की हत्या कर दी.

रक़्क़ा अगस्त 2013 में संगठन के हाथों में जाने के बाद से आईएस की राजधानी के रूप में बना हुआ है.

आईएस किसी भी तरह के विरोध या अवमानना का जवाब क्रूर सज़ा से देता है, जो अक्सर सरेआम दी जाती हैं.

कहा जाता है कि लेना अल क़ासेम ने अपने बेटे से यह कहा था कि अमरीकी नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन आईएस को तबाह कर देगा. साथ ही उसकी माँ ने उसे शहर छोड़ने को समझाया था.

सुन्नी इस्लाम के अपने ही क्रूरतम मतलब निकालने वाले जिहादी संगठन इस्लामिक स्टेटने इराक़ और सीरिया के बड़े हिस्सों पर 2014 में क़ब्ज़ा किया था.

इसके बाद से इस संगठन ने 2000 से ज़्यादा लोगों की हत्याएं की हैं. जिन्हें मारा गया है उन पर समलैंगिकता, जादू और बुतपरस्ती के कथित आरोप थे.

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