जैश पर कार्रवाई सकारात्मक पहला क़दम: भारत

  • 14 जनवरी 2016
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भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ विदेश सचिव वार्ता को आपसी सहमति से स्थगित करने का फ़ैसला लिया गया है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि गुरुवार सुबह को दोनों देशों के विदेश सचिव ने फ़ोन पर बात कर वार्ता को निकट भविष्य में करने का फ़ैसला किया है.

पहले के कार्यक्रम के अनुसार 15 जनवरी को पाकिस्तान में दोनों देश के विदेश सचिवों की मुलाक़ात होने वाली थी.

विकास स्वरूप ने कहा कि भारत जैश-ए-मोहम्मद के ख़िलाफ़ उठाए गए पाकिस्तान के क़दमों का स्वागत करता है.

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा था कि चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कई दफ़्तर सील कर दिए गए हैं और कई लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

लेकिन जैश के प्रमुख मसूद अज़हर की गिरफ़्तारी या हिरासत में लिए जाने की ख़बरों के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए भारतीय प्रवक्ता ने कहा कि भारत को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.

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भारत ने पठानकोट हमले की जांच के लिए पाकिस्तानी जांच दल भारत भेजने के फ़ैसले का भी स्वागत किया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अगर ऐसा कोई जांच दल भारत आता है तो भारत की सभी एजेंसियां उसे हर आवश्यक सहयोग दिया देंगी.

पठानकोट मामले में पाकिस्तान की तरफ़ से अब तक की गई कार्रवाई को भारत ने सकारात्मक पहला क़दम क़रार दिया है.

लेकिन पत्रकारों के बार-बार ये पूछे जाने पर कि जब सब कुछ ठीक ही है तो फिर 15 जनवरी को तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार बातचीत क्यों नहीं हो रही, इसके जवाब में विकास स्वरूप ने कहा 'कि दोनों विदेश सचिव ऐसे माहौल में बातचीत करना चाहते हैं जिन पर पठानकोट का कोई साया न हो.'

इससे पहले पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ख़लीलुल्लाह क़ाज़ी ने गुरुवार को इस्लामाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि 15 जनवरी को भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों के बीच बातचीत नहीं होगी.

जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अज़हर की गिरफ़्तारी की ख़बरों को लेकर पूछे गए सवाल पर क़ाज़ी ने कहा, ''मैं अपने शब्दों का बहुत सावधानीपूर्वक चुनाव करते हुए कह रहा हूं कि मुझे ऐसी किसी ख़बर की जानकारी नहीं है.''

उन्होंने कहा,''पाकिस्तान हर तरह के चरमपंथ की निंदा करता है. चरमपंथ हम सबका दुश्मन है. हमें इसे मिल-जुलकर ख़त्म करने की ज़रूरत है."

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उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि किसी भी चरमपंथी घटना के समय दोनों देश मिलकर समस्या के समाधान की कोशिश करेंगे.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस इलाक़े से दहशतगर्दी को ख़त्म करना ही उनका लक्ष्य है.

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