जकार्ता हमलाः चार संदिग्धों की पहचान

  • 15 जनवरी 2016
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इंडोनेशिया की पुलिस ने जकार्ता धमाकों के पांच हमलावरों में से चार की शिनाख्त कर ली है. इनमें से दो चरमपंथियों को पहले भी अपराधी करार दिया गया था.

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के पुलिस प्रमुख टिटो कारनाविएन के मुताबिक़ पुलिस गुरुवार को हुए सीरियल धमाकों में शामिल उपद्रवी गुटों को निशाना बना रही है.

गुरुवार के धमाकों और फिर गोलीबारी में दो नागरिकों की मौत हुई थी और पांच हमलावर मारे गए थे.

पुलिस ने एक चरमपंथी का नाम जारी किया है. हमले के दौरान बंदूक और पीठ पर रकसैक उठाए दिखाई देने वाला व्यक्ति अफिफ सुनाकिम है, जिसे एक चरमपंथी शिविर में शामिल होने के आरोप में सात साल की कैद की सज़ा सुनाई गई थी.

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शुक्रवार को जकार्ता के पास तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. अभी यह पता नहीं चला है कि इनका हमले से सीधा संबंध है या नहीं.

इंस्पेक्टर जनरल टिटो कारनाविएन ने बीबीसी को बताया कि वास्तव में हमलावरों को मार दिया गया है लेकिन वो सुलावेसी और जावा के गुटों से जुड़े थे, जिनका पता लगाया जा रहा है.

इस्लामिक स्टेट के चरमथियों ने इस हमले के पीछे अपना हाथ बताया था.

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Image caption जकार्ता में स्टारबक्स कैफे के सामने गोलियों के निशानों से क्षतिग्रस्त कार

आईएस ने अपने एक अॉनलाइन बयान में कहा था कि ये हमला 'सोल्जर्स ऑफ़ कैलिफ़ेट' ने किया.

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने इस 'चरमपंथी कार्रवाई' की निंदा की है. शुक्रवार को उन्होंने ट्वीट के ज़रिए कहा कि दुनिया में चरमपंथ के लिए जगह नहीं है और दुनिया के हर बाशिंदे को इसके ख़िलाफ़ लड़ने की ज़रूरत है.

गुरुवार को जकार्ता के प्रमुख कारोबारी इलाक़े में हमलावरों पर क़ाबू पाने के लिए सुरक्षा बलों को कई घंटे जूझना पड़ा था.

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इस कार्रवाई में दो हमलावरों ने ख़ुद को उड़ा लिया था और अन्य तीन फ़ायरिंग में मारे गए थे. हमले में एक कनाडाई और एक इंडोनेशियाई नागरिक की भी मौत हुई थी.

इंडोनेशिया को हमले की धमकी मिली थी जिसके बाद से राजधानी में हाई अलर्ट था.

पुलिस प्रमुख कारनाविएन ने बताया कि साल 2002 के बाली बम धमाके के बाद से ही इंडोनेशिया को घरेलू चरमपंथी नेटवर्कों की समझ हो गई है. उन्होंने बताया कि साल 2015 के अंत में ऐसी एक साज़िश नाकाम की गई थी.

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