इराक़: कुर्दों ने अरबों के घर तोड़े

  • 20 जनवरी 2016
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मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक़ उत्तरी इराक़ में कुर्द पेशमर्गा लड़ाकों और चरमपंथियों ने हज़ारों अरबों के घर नष्ट कर दिए हैं.

ये मुहिम अरब समुदाय को वहां से भगाने के तहत चलाई गई है.

संस्था ने अपनी रिपोर्ट 13 गांवों-शहरों में ज़मीनी छानबीन, 100 से अधिक प्रत्यक्षदर्शियों से बात करने और विस्थापितों से बात करने के बाद तैयार की है.

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रिपोर्ट के मुताबिक़ इस्लामिक स्टेट के समर्थक होने की आशंका के चलते यह घटना अंजाम दी गई.

एमनेस्टी को आशंका है कि आईएस से इलाक़े खाली कराने के बाद कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार ने वहां काफ़ी ज़ुल्म किए हैं.

आरोपों पर अब तक कुर्द अधिकारियों की तरफ से कोई बयान नहीं आया है.

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मानवाधिकार संगठन ने अपने दावों को सैटेलाइट तस्वीरों से भी साबित किया. इन तस्वीरों में भारी संख्या में बर्बादी का मंज़र दिख रहा है.

एमनेस्टी के मुताबिक़ लड़ाई के दौरान बेघर अरब लोगों की घर वापसी को कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार ने और मुश्किल बना दिया है.

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हज़ारों बेघर अरब नागरिक अब अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं. इनमें से कई ने अपने रोज़गार के साधन खो दिए हैं और उनकी संपत्ति भी बर्बाद हो गई है.

एमनेस्टी के बाद इराक़ पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट भी मंगलवार को जारी की गई.

यूएन रिपोर्ट के मुताबिक़ एक जनवरी 2014 से लेकर 31 अक्टूबर 2015 के बीच इराक़ में 18 हज़ार 8 सौ नागरिक मारे गए.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ इनमें सबसे अधिक अपराध आईएस ने किए. इसमें हिंसा फैलाने और 3,500 महिलाओं और बच्चों को ग़ुलाम बनाने जैसे अपराध शामिल हैं.

इस रिपोर्ट में कुर्द ताक़तों के अपराधों का भी ज़िक्र है.

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