लित्विनेंको की हत्या पुतिन के इशारे पर हुई?

  • 21 जनवरी 2016
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Image caption ज़हर दिए जाने के बाद अस्पताल में भर्ती अलेक्सांद्र लित्विनेंको

लंदन की एक सरकारी जांच इस नतीजे पर पहुँची है कि पूर्व रूसी जासूस लित्विनेंको की हत्या को 'शायद' राष्ट्रपति पुतिन की मंज़ूरी हासिल थी.

लित्विनेंको की 43 वर्ष की आयु में लंदन में एक रेडियोएक्टिव पदार्थ पोलोनियम-210 के सेवन से मौत हो गई थी.

माना जाता है कि लित्विनेंको को यह ज़हर चाय में दिया गया था.

जांच के अध्यक्ष सर रॉबर्ट ओवन के मुताबिक़ उन्हें आशंका है कि लंबे झगड़े के बाद राष्ट्रपति पुतिन ने लित्विनेंको की हत्या को मंज़ूरी दी थी.

लित्विनेंको की पत्नी मरीना ने कहा है कि वह जांच के इस निष्कर्ष से "बहुत खुश" हैं.

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लंदन के हाईकोर्ट के बाहर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "मरने से पहले मेरे पति ने राष्ट्रपति पुतिन पर जो इल्ज़ाम लगाए थे, उसे इंग्लैंड की अदालत ने सही साबित कर दिया है."

लित्विनेंको की पत्नी ने ब्रिटेन से सभी रूसी ख़ुफ़िया कर्मियों को बाहर निकालने, रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने और पुतिन समेत सभी रूसियों के यूके में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है.

दो रूसी नागरिक, आंद्रेइ लुगोवोइ और दमित्री कोव्तुन पर लित्विनेंको की हत्या के आरोप हैं, जिसे दोनों ही इनकार करते रहे हैं.

सर रॉबर्ट ने कहा है कि दोनों संदिग्ध संभवतः मॉस्को की खुफ़िया एजेंसी एफ़एसबी के निर्देशों का पालन कर रहे थे.

राष्ट्रपति पुतिन के साथ ही तत्कालीन एफ़एसबी प्रमुख निकोलाइ पत्रुशेव को केंद्र में रखकर लिखी अपनी 300 पन्नों की रिपोर्ट में सर रॉबर्ट ने कहा है, "मेरे पास मौजूद सुबूतों और विश्लेषणों को देखने के बाद मैं इस नतीजे पर पहुँचा हूँ कि लित्विनेंको की हत्या के एफ़एसबी के ऑपरेशन के पीछे संभवतः राष्ट्रपति पुतिन और पत्रुशेव की मंज़ूरी हासिल थी."

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