ये चमकते हुए सींग वाले बारासिंघे कहां से आए?

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बारासिंघे को सड़क पर देखना एक सपना जैसा हो सकता है, बशर्ते आप कार ना चला रहे हों.

कार वाली चेतावनी इसलिए क्योंकि फिनलैंड में बारासिघों और कारों की हर साल 5000 टक्करें होती हैं.

इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय लोगों ने एक अनोखा उपाय खोज निकाला है.

लैपलैंड में चरवाहों ने एक बहुत ही सरल उपाय खोजा है जिससे वो कार चला रहे लोगों को बता सकें कि बारासिंघे आसपास ही हैं.

एटलस ऑब्सक्यूरा नाम की वेबसाइट के अनुसार फिनलैंड के रेनडियर हर्डर्स एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने उनके सीगों पर एक ख़ास तरह का पेंट लगाना शुरू कर दिया है.

इस पेंट की ख़ासियत यह है कि बारासिंघे के सींग अंधेरे में चमकने लगते हैं, जिसकी मदद से कार चलाने वाले दूर से अंधेरे में ही इन्हें देख सकते हैं.

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इससे पहले भी इस तरह के प्रयोग किए गए जिनमें इन जानवरों के शरीर पर पेंट लगाया जाता था लेकिन उससे ज़्यादा फ़र्क नहीं पड़ा क्योंकि पेंट की गई उनकी चमड़ी से रिफ़्लेक्शन, कार चालक को सतर्क करने की बजाय असमंजस में डाल देता था.

यही नहीं, वो उनकी पानी से बचने की प्राकृतिक शक्ति को भी नुकसान पहुंचा रहा था.

नई तकनीक से इन सींगों पर इस पेंट को लगाए जाने का फायदा ये है कि उन्हें देख पाना आसान हो जाता है.

यही नहीं वसंत के मौसम में उनके सींग झड़ जाते हैं, ऐसे में इनके दोबारा उगने पर इन्हें फिर से पेंट किया जा सकता है.

अंग्रेज़ी में मूल लेख यहां पढ़ें, जो बीबीसी ऑटोज़ पर उपलब्ध है.

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