'अमरीकी देशों में फैल सकता है ज़ीका'

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि ज़ीका वायरस उत्तर और दक्षिण अमरीकी देशों में फैल सकता है.

इससे प्रभावित शख़्स में हल्का बुखार, कजंक्टिवाइटिस और सिरदर्द जैसे लक्षण पाए जाते हैं. कैरीबियाई इलाक़े, उत्तर और दक्षिण अमरीका के 21 देशों में इसके मरीज़ पाए गए हैं.

इस बीमारी से नवजात शिशुओं के दिमाग का पूरा विकास नहीं हो पाता है.

कुछ देशों ने इससे बचने के लिए महिलाओं को गर्भवती न होने की सलाह भी दी है. फ़िलहाल इस बीमारी का कोई इलाज या टीका नहीं है.

माना जा रहा है कि यह वायरस अफ्रीका से आया. अमरीकी देशों में सबसे पहले ब्राज़ील में 2015 में यह पाया गया था.

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माना जा रहा है कि अमरीकियों में प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता की कमी होने की वजह से यह बीमारी वहां और तेज़ी से फैल रही है.

ज़ीका वायरस एडीज़ मच्छर के काटने से फैलता है. ये मच्छर कनाडा और चिली के अलावा आस पास के देशों में भी पाए जाते हैं.

डब्लूएचओ के स्थानीय दफ़्तर 'पैन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गनाइजेशन' ने इस बीमारी पर एक बयान जारी किया है.

उसने कहा है, "यह वायरस ऐसे ही फैलता रहेगा और हर उस देश में पहुंचेगा जहां एडीज़ मच्छर पाए जाते हैं."

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बयान के अनुसार, एक मामले में यह भी पाया गया कि यह बीमारी यौन संबंधों से फैली.

इस बारे में अधिक सबूत मिलना अभी बाकी हैं. वहीं, 80 फ़ीसदी मामलों में इस रोग के लक्षण दिखते ही नहीं है.

लेकिन इसका सबसे बड़ा असर अजन्मे बच्चों पर दिख रहा है.

पिछले साल अक्तूबर से अब तक ब्राज़ील में माइक्रोसिफेली के चार हज़ार मामले सामने आ चुके हैं. इस बीमारी में बच्चे छोटे मस्तिष्क के साथ पैदा होते हैं.

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