बिक्रम के कंधे पर 'यौन उत्पीड़न का बेताल'

बिक्रम चौधरी का हॉट योगा इमेज कॉपीरइट AP

दुनिया भर में हॉट योग गुरु के रूप में मशहूर बिक्रम चौधरी अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर फिर सुर्ख़ियों में हैं.

ये आरोप उनकी एक पूर्व वकील मीनाक्षी जाफ़ा बोडेन ने लगाए हैं और इस मामले में अदालत ने आदेश दिया है कि बिक्रम चौधरी मीनाक्षी को 65 लाख डॉलर यानी 44.26 करोड़ रुपए मुआवज़े के तौर पर दें.

भारतीय मूल के अमरीकी बिक्रम चौधरी 'बिक्रम योग' के संस्थापक हैं और दुनियाभर में उनके 650 से अधिक योग स्कूल बताए हैं.

बिक्रम चौधरी की वेबसाइट के मुताबिक़ उनका जन्म 1946 में कोलकाता में हुआ और उन्होंने चार साल की उम्र से ही योग करना शुरू कर दिया था.

वो 1970 के दशक में अमरीकी पहुंचे और उन्होंने सबसे पहले कैलिफोर्निया और हवाई में अपने योग स्टूडियो क़ायम किए.

इमेज कॉपीरइट AP

चौधरी जब योग की कक्षा ले रहे होते हैं तो सिर्फ़ एक काली चड्ढी पहनते हैं, जबकि उनके शिष्य छोटे कपड़े पहनते हैं.

बिक्रम चौधरी ने जिस 'हॉट योग' का विकास किया है, उसमें कुल 26 तरह के आसन होते हैं, जिन्हें एक बहुत ही गर्म कमरे में किया जाता है.

इन आसनों को करने में क़रीब 90 मिनट का समय लगता है और इस दौरान कमरे का तापमान 105 फॉरेनहाइट यानी 40.5 डिग्री सेल्सियश रहता है.

बिक्रम योग की वेबसाइट के मुताबिक़ कक्षा के दौरान शिष्यों को कई नियमों का पालन करना होता है.

इसके दिशा-निर्देशों के मुताबिक़, ''कक्षा के दौरान छात्रों का आपस में न तो हाथ से संपर्क होता है और न शारीरिक संपर्क. (सिवाए बिक्रम के).''

इनमें कहा गया है, "योग स्टूडियों के मालिक और अध्यापको को हिदायत दी जाती है कि वो बिक्रम योग कॉलेज के छात्रों से किसी तरह का कोई प्रेम संबंध न बनाएं."

'बिक्रम योग' को मानने वालों में कई नामी लोग शामिल हैं और वे अपने जीवन में आए बदलाव का श्रेय इसे देते हैं.

बिक्रम चौधरी के शिष्यों में पॉप स्टार मैडोना, टेनिस खिलाड़ी एंडी मरे और महशूर ड्रम वादक गोल्डी जैसी हस्तियां शामिल हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty

लेकिन बिक्रम चौधरी पर यौन उत्पीड़न के भी आरोप लगते रहे हैं. मीनाक्षी के अलावा छह अन्य महिलाओं ने भी उनके ख़िलाफ़ यौन हिंसा के आरोप में मुक़दमा कर रखा है.

मीनाक्षी के वकील मार्क क्यूंगिले ने एक बयान में कहा, ''उनकी मुवक्किल ने जब अवैध गतिविधियों की गवाही देने के बारे में चुप रहने से मना कर दिया तो उन्हें डराया-धमकाया गया और नौकरी से निकाल दिया गया.''

हालांकि बिक्रम के वकील इन आरोपों को फ़र्ज़ी बताते हैं. मुक़दमे के दौरान चौधरी ने इन आरोपों से इनकार कर दिया.

पिछले साल अक्तूबर में चौधरी एक आसन के कॉपीराइट का मुक़दमा हार गए थे. अमरीका अदालत ने कहा था कि स्वास्थ्य से जुड़े आसनों का कॉपीराइट नहीं हो सकता है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार