जब ख़ुद को श्रद्धांजलि देने पहुंची एक महिला

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अफ़्रीकी देश बुरूंडी में एक साल पहले अफ्रीकी मूल की ऑस्ट्रेलियाई महिला नोएलो रुकुंडो को मारने के लिए एक गैंग को सुपारी दी गई थी.

लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और उन्हें अपनी सुपारी देने वाले इंसान के बारे में पता चला.

यह इंसान कोई और नहीं, उनके पति बैलेंगा कलाला ही थे. उनके पति ने उन्हें ज़िंदा देखकर कहा, "क्या यह मेरे आखों का धोखा है या मैं कोई भूत देख रहा हूं."

नोएला ने कहा, "तुम्हें आश्चर्य हो रहा! मैं अबतक ज़िंदा हूं! "

नोएला की ज़िंदगी का यह संघर्ष इस घटना से पांच दिन पहले 75,000 मील उनके पुश्तैनी घर में शुरू हुआ था.

उन्हें मेलबोर्न से अफ्रीका अपनी सौतेली मां के अंतिम संस्कार में आना था.

वे कहती हैं, "अपनी मां के गुज़र जाने के बाद मैं बहुत तनाव में थीं."

वहां पर उन्हें उनके तीन बच्चों के पिता और उनके पति बैलेंगा का ऑस्ट्रेलिया से फ़ोन आया.

उनके पति का कहना था, "मैं पूरे दिन तुमसे बात करने की कोशिश करता रहा हूं."

इसपर नोएला ने कहा, "मैं सोने जा रही हूं." उनके पति की प्रतिक्रिया थी, "तुम इतनी जल्दी क्यों सोने जा रही हो."

नोएला ने उससे कहा, "मैं अच्छा महसूस नहीं कर रही हूं."

वो बताती हैं कि उसने मुझसे पूछा "कैसा मौसम है? क्या बहुत गर्मी है वहां? उसने मुझे बाहर साफ़ हवा में जाने को कहा."

नोएला ने उनकी बात मान ली.

"मैंने कुछ नहीं सोचा. मैंने सिर्फ़ ये सोचा कि वो मेरा ख़्याल रख रहा है. वो मुझे लेकर चिंतित है."

लेकिन होटल से बाहर आते ही उन्हें महसूस हुआ कि वे ख़तरे में हैं. "मैंने दरवाज़ा खोला और एक आदमी अपनी ओर आते हुए देखा. उसने मेरे ऊपर बंदूक़ तान दी. "

"उसने मुझसे कहा, घबराओ मत. अगर तुम घबराओगी तो मैं गोली मार दूंगा."

"मैंने वहीं किया जो मुझे उसने करने को कहा."

बंदूक़धारी ने नोएला को उसके इंतज़ार में खड़ी एक कार की ओर ले गया.

"मैं दो आदमी के बीच बैठी हुई थी. एक के पास छोटा बंदूक़ था और दूसरे के पास बड़ा. उनलोगों ने मेरा चेहरा स्कार्फ़ से बांध दिया. "

"इसके बाद मैंने कुछ नहीं बोला. उन लोगों ने ड्राइवर से चलने को कहा. 30-40 मिनट के बाद मुझे कहीं ले जाया गया."

नोएला को एक घर में धकेलते हुए ले जाया गया.

"अग़वा करने वाले लोगों में से किसी ने अपने बॉस को बुलाने को कहा. इसके बाद उनलोगों ने मुझसे पूछा कि इस आदमी ने तुम्हें मारने को क्यों कहा हैं? क्या किया है इसके साथ तुमने? "

तब मैंन पूछा, "कौन आदमी? क्योंकि मेरी किसी से दुश्मनी नहीं थी. तब उन्होंने मेरे पति का नाम लिया."

मैंने कहा, "मेरा पति मुझे नहीं मार सकता, तुम झूठ बोल रहे हो. और इसके बाद उन्होंने मुझे थप्पड़ मार दिया."

"इसके बाद उनके बॉस ने कहा, तुम बेवक़ूफ़ हो. मैं अभी फ़ोन करके बताता हूं कि किसने तुम्हें मारने के लिए सुपारी दी है. "

बॉस ने कॉल किया. उसने फ़ोन पर कहा, "शिकार हमारे क़ब्ज़े में है."

फ़ोन को उसने लाउडस्पीकर पर डाल दिया. कुछ घंटे पहले जो आवाज़ मुझे सांत्वना दे रही थी, मेरा ख़्याल रख रहा था वही मेरे हत्या की बात कर रहा था.

"मुझे उसकी आवाज़ सुनाई दी. मेरा सिर चकराने लगा."

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डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो में जन्मे बैलेंगा कलाला एक शरणार्थी के रूप में 2004 में ऑस्ट्रेलिया पहुंचे थे.

नोएला भी उसी साल ऑस्ट्रेलिया आई थीं. मेलबर्न में जल्दी ही कलाला को नौकरी मिल गई थी .

यही नोएला और कलाला की मुलाक़ात होती है. जल्दी ही दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया. नोएला के पिछले रिश्ते से पांच बच्चे थे और कलाला से रिश्ते बनने के बाद तीन बच्चे और हुए.

नोएला मानती है, "मैं जानती थी कि वो एक हिंसक आदमी है, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा कि वो मुझे मार सकता है. मैंने इस इंसान से बहुत प्यार किया था."

"मैंने उसे दो ख़ूबसूरत बेटे और एक प्यारी बेटी दी थी. मैं नहीं जानती कि वो क्यों मुझे मारना चाहता था."

गैंग लीडर के फ़ोन काटने के बाद मुझे लगा कि मैं अंदर से पूरी तरह से खोखली हो चुकी हूं.

"मैंने ख़ुद से कहा कि अब मेरा अंत आ गया. मुझे कोई अब नहीं बचा सकता."

गैंग लीडर ने मेरी तरफ़ देखा और कहा, "हम तुम्हें नहीं मारेंगे. हम औरतों और बच्चों को नहीं मारते."

"उसने मुझे बताया कि मेरे पति ने उसे नवंबर में ही मुझे मारने की सुपारी दे दी थी. और ये वक़्त जनवरी का था. उसने मुझसे पूछा कि तुम इतनी बेवक़ूफ़ कैसे हो सकती हो. इतने दिन में तुम्हें अपने पति पर शक नहीं हुआ?"

दो दिन गिरफ़्त में रहने के बाद नोएला आज़ाद थीं.

नोएला का कहना है कि गैंग लीडर ने कहा, "हम तुम्हें इस देश से निकलने के लिए 80 घंटे का समय देते हैं. तुम्हारा पति तुम्हारी हत्या को लेकर गंभीर है. हम तुम्हें छोड़ सकते हैं लेकिन दूसरे लोग यही सलूक करें, यह ज़रूरी नहीं है. अगर भगवान मदद करता है तो तुम ऑस्ट्रेलिया पहुंच जाओगी."

सड़क के किनारे नोएला को छोड़ने से पहले गैंग ने उन्हें उनके पति के ख़िलाफ़ सबूत दिया और उम्मीद जताई कि ये कालाला पर आरोप साबित करने में मदद करेगी.

यह एक मेमोरी कार्ड था. इसमें गैंग और कलाला के बीच हुई बातचीत रिकॉर्ड थी जिसमें ख़ून करने और मनी ट्रांसफ़र की बातचीत थी.

गैंग वालों ने कहा, "हम चाहते हैं कि तुम वापस जाकर अपनी तरह की दूसरी मूर्ख औरतों को बताओ कि क्या हुआ है. तुम लोगों को ज़रूर जानना चाहिए. तुम लोग एक बेहतर ज़िंदगी के लिए बाहर देशों में कमाने जाते हो लेकिन जो पैसा तुम लोग कमाते हो, उसका इस्तेमाल तुम लोग एक-दूसरे को मारने के लिए करते हो! "

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तीन दिन के बाद 22 फ़रवरी 2015 को नोएला वापस मेलबर्न में थी. तब तक कलाला ने समाज को लोगों को बताया था कि उनकी पत्नी एक दुर्घटना में मारी गई है.

कई लोग उनके पास सांत्वना देने के लिए आ रहे थे, कई लोग पैसों से भी मदद कर रहे थे.

नोएला बताती है, "साढ़े सात बजे शाम का समय था. वो अपने घर के बाहर था. लोग उसके साथ मेरी मौत का मातम मना रहे थे. वो कुछ लोगों को गाड़ी तक छोड़ने आया था."

"मैं उसकी ओर देखते हुए खड़ी थी. वो डरा हुआ था. वो यक़ीन ही नहीं कर पा रहा था. वो धीरे-धीरे मेरी ओर बढ़ते हुए आया. "

"जब वो मेरी तरफ़ आ रहा था तो ख़ुद से बातें कर रहा था. मेरे पास पहुंचकर उसने मुझे छूआ. फिर से एक बार और छूआ. वो कूद पड़ा. "

"उसने कहा, नोएला, यह तुम हो? फिर वो चिल्लाने लगा, मुझे इन सब के लिए माफ़ कर दो. "

नोएला ने पुलिस को बुला लिया. पुलिस को बाद में कोर्ट से उसके ख़िलाफ़ ऑर्डर मिल गया. कुछ दिनों के बाद पुलिस ने नोएला को जान-बूझकर कलाला को फंसाने के लिए फ़ोन करने को कहा.

कलाला ने अपनी पत्नी के सामने फ़ोन पर अपना अपराध क़बूल कर लिया और माफ़ी मांगने लगा.

उसने बताया कि वे क्यों नोएला की हत्या करना चाहता था.

"उसने बताया कि वो मुझे ईर्ष्या की वजह से मारना चाहता था. वो सोचता था कि मैं दूसरे मर्द के लिए उसे छोड़ना चाहती हूं."

नोएला इससे इंकार करती हैं. पुलिस के साथ पूछताछ में उसने साज़िश में शामिल होने से इंकार किया.

लेकिन जब नोएला ने फ़ोन की बातचीत और बुरुंडी से लाए सबूत को कोर्ट के सामने पेश किया तो वो रोने लगा.

पिछले साल 11 दिसंबर को मेलबर्न की अदालत ने नोएला की हत्या के लिए पैसे देने के जुर्म में कलाला को नौ साल की सज़ा सुनाई.

नोएला का कहना है, "अक्सर रात में मुझे उसकी आवाज़ सुनाई देती है, मार दो उसे, मार दो उसे."

मेलबर्न में रहने वाले अफ्रीकी समुदाय के कई लोग कलाला पर लगे आरोप के लिए नोएला को ज़िम्मेवार मानते हैं.

नोएला अपने और अपने आठ बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं.

वे कहती हैं, "लेकिन मैं एक मज़बूत महिला की तरह डट कर सामना करूंगी. मेरा अतीत बीत चुका है. मैं अब नई ज़िंदगी की शुरुआत कर रही हूं. "

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