ज़करबर्ग भी आए ऐपल के समर्थन में

  • 23 फरवरी 2016
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फ़ेसबुक के सीईओ मार्क ज़करबर्ग ने कहा है कि एफ़बीआई-ऐपल के टकराव में उन्हें ऐपल से सहानुभूति है.

एफ़बीआई ने ऐपल को एक मोबाइल फ़ोन के सुरक्षा सॉफ्टवेयर को अनलॉक करने का आदेश दिया है लेकिन ऐपल ने साफ़ इंकार कर दिया है.

अमीरीकी जांच एजेंसी एफ़बीआई ने ऐपल से कहा था कि वो कैलिफ़ोर्निया के सैन बर्नारडिनो गोलीबारी के एक मृतक हत्यारे के आईफ़ोन का सुरक्षा सॉफ्टवेयर अनलॉक कर दे.

मार्क ज़करबर्ग ने कहा कि अधिकारियों को ऐनक्रिप्शन सुरक्षा को नहीं लांघना चाहिए.

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Image caption ऐपल के प्रमुख ने एफ़बीआई के आदेश को 'खतरनाक' बताया

बार्सेलोना में एक मोबाइल वर्ल्ड कॉंग्रेस टेक शो में ज़करबर्ग ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि ऐन्क्रिप्शन में पिछले दरवाज़े से घुसना सुरक्षा बढ़ाने का असरदार तरीका हो सकता है, या ऐसा करना उचित है. हमें टिम कुक और ऐपल से पूरी सहानुभूति है."

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Image caption दिसंबर में हुए इस हमले में 14 लोग मारे गए थे

उन्होंने कहा कि फ़ेसबुक चरमपंथ रोकने के लिए हरसंभव क़दम उठाने को तैयार है. लेकिन वो ऐन्क्रिप्शन के पक्ष में है.

इससे पहले गूगल और ट्विटर ने भी ऐपल के रुख का समर्थन किया था.

ऐपल के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी टिम कुक ने एफ़बीआई के इस आदेश को 'खतरनाक' और 'अभूतपूर्व' बताया था. उन्होंने कहा था कि इस आदेश को मानने के लिए ऐपल को नया ऑपरेटिंग सिस्टम बनाना पड़ेगा

वहीं, एफ़बीआई निदेशक जेम्स कॉमी ने कहा कि हमले के पीड़ितों और न्याय को ध्यान में रखते हुए एफ़बीआई ने ये मांग रखी है. उन्होंने कहा कि हो सकता है कि फ़ोन से उस चरमपंथी हत्यारे के और संपर्क सूत्रों का पता चल सके.

एंटी वायरस निर्माता मैकेफ़ी ने कहा है कि वो एफ़बीआई के लिए तीन हफ्तों में इस आईफ़ोन के ऐन्क्रिप्शन को खोल सकता है.

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